युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सियासी उलटफेर के बाद देश का नया राष्ट्रपति चुनने की जंग अब एकतरफा होती नजर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की एकतरफा जीत की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। बदले समीकरणों के बीच अब विपक्षी खेमा भी इसे स्वीकार करता नजर आ रहा है। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के खिलाफ विपक्ष का साझा उम्मीदवार उतारने के लिए बैठक पर बैठक करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने भी अब ये स्वीकार कर लिया है।
ममता बनर्जी ने कहा है कि द्रौपदी मुर्मू की जीत के ज्यादा चांस हैं। ममता बनर्जी के बयान पर भाजपा ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का नाम लेते हुए चुटकी ली है। दरअसल, ममता बनर्जी ने कहा है कि विपक्षी दल भी राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी का समर्थन कर सकते थे अगर भाजपा ने उन्हें मैदान में उतारने के पहले उनसे चर्चा की होती। उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू की जीत की अधिक संभावनाएं है। महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद एनडीए का संख्याबल बढ़ा है।
ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा कि आम सहमति वाला उम्मीदवार देश के लिए हमेशा बेहतर होता है। अगर भाजपा ने उनके नाम के ऐलान से पहले हमसे भी बात की होती तो हम निश्चित रूप से व्यापक हितों का ध्यान रखते हुए इस पर विचार करते। उन्होंने ये भी साफ किया कि टीएमसी विपक्षी दलों के निर्णय के मुताबिक ही चलेगी। ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे मन में सभी धर्म, जाति और पंथ के लिए बराबर सम्मान है। हम चाहते हैं कि राष्ट्रपति चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। हमें महिला उम्मीदवार को उतारने की कोशिश करनी चाहिए थी।