युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले अनाज को भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से सीधे राशन की दुकानों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी को अपना रही है। खाद्य एवं रसद विभाग का आंकलन है कि इस व्यवस्था के जरिये सरकार को सालाना 100 करोड़ रुपये की बचत होगी। इससे अनाज की घटतौली और कालाबाजारी को रोकने में भी मदद मिलेगी। अभी तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले अनाज को ठेकेदारों के जरिये भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से उठवा कर पहले ब्लाक स्थित खाद्य एवं रसद विभाग की विपणन शाखा के गोदामों में पहुंचाया जाता था। प्रदेश में ब्लाक स्तरीय 800 से ज्यादा गोदाम हैं जो किराये के भवनों में संचालित हैं।
कोटेदार ब्लाक गोदाम से अनाज उठाकर उसे अपनी राशन की दुकानों तक ले जाते थे। कोटेदारों को यह शिकायत रही है कि ब्लाक गोदाम पर अनाज की तौलाई में वे घटतौली का शिकार होते हैं। दूसरी तरफ यह भी शिकायत मिलती रही है कि कोटेदार ब्लाक के गोदाम से जितना अनाज उठाते हैं, उसका बड़ा हिस्सा राशन दुकान पहुंचता ही नहीं है। कोटेदार इसकी कालाबाजारी करते हैं। इसलिए खाद्य एवं रसद विभाग ने तय किया है कि अब अनाज ठेकेदारों के माध्यम से एफसीआइ के गोदामों से सीधे राशन की दुकानों तक पहुंचाया जाएगा। इससे खाद्यान्न की घटतौली और कालाबाजारी की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा।