वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। कांग्रेस जिन्हें खो चुकी है, उनके परिवारों के बीच पहुंचने के दरवाजे पार्टी छत्तीसगढ़ के रायपुर में होने वाले अगले राष्ट्रीय अधिवेशन में खोलने जा रही है। पार्टी अधिवेशन में उन सभी कांगे्रसियों को प्रस्ताव पास कर उनकी आत्मशांति के लिए प्रार्थना करेगी जिनका निधन मार्च 2018 से जनवरी 2023 के बीच हुआ है। इस दौरान जिन नेताओं और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों का निधन हुआ है, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से उनकी सूची मांगी गई है। यह सूची अधिवेशन से पूर्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को प्रदेश की ओर से प्रेषित की जाएगी। दरअसल, देखा गया है कि राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के निधन के बाद पार्टी उनके लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भुला देती हैं। कुछ दिनों बाद ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं का जुड़ाव भी पार्टी से खत्म हो जाता है। दिवंगत हो चुके नेताओं के परिवारों को पार्टी के साथ जोड़े रखने के लिए देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने पहल की है। कांग्रेस का अलगा राष्ट्रीय अखिवेशन छत्तीसगढ़ प्रदेश के रायगढ़ में प्रस्तावित है। यह कांग्रेस पार्टी का 85वां राष्ट्रीय अधिवेशन होगा। राष्ट्रीय अधिवेशन में भेजे जाने के लिए उन नेताओं की सूची प्रदेश कमेटी की ओर से मांगी गई है जिनका निधन अधिवेशन से पूर्व एक साल के दौरान हुआ है। पार्टी ऐसे नेताओं के लिए अधिवेशन में एक शोक प्रस्ताव पारित कर उनकी आत्मशांति के लिए प्रार्थना करेगी।
कांग्रेस के प्रदेश कमेटी की ओर से ऐसे नेताओं के नाम, निधन की तारीख और पद एवं पते की सूची जिला एवं महानगर कांगे्रस कमेटी से मांगी गई है। यह सूची संगठन को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय भेजनी होगी जिससे राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी दिवंगत कांग्रेसियों की आत्मा की शांति के लिए शोक प्रस्ताव पारित कर सके। ऐसे में उन परिवारों का जुड़ाव भी पार्टी साथ होगा जो अपनी राह बदल चुके हैं।