नगर संवाददाता
गाजियाबाद। (युग करवट) कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के दो साल बाद इस साल रामलीला समितियां रामलीला मेले के आयोजनों को लेकर तैयारियों में जुटी हैं। प्रशासनिक स्तर से रामलीला मंचन के आयोजन की परमिशन जारी की गई है, लेकिन मंचन के साथ लगने वाले मेले को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। एडीएम सिटी कार्यालय से अभी तक आठ मेला समितियों को परमिशन जारी की गई है, जिसमें सिर्फ मंचन की अनुमति दी गई है। मेले के आयोजन को लेकर सम्बंधित विभाग भी कुछ स्पष्टï जानकारी नहीं दे रहे हैं। यहां तक की मनोरंजन विभाग, वाणिज्यकर विभाग भी इस मामले में ऑनलाइन परमिशन दिए जाने की बात कहकर हाथ खड़े कर चुका है। जबकि, मेले के आयोजन को लेकर समितियों द्वारा ठेके छोड़े जा चुके हैं। डीएम आरके सिंह ने बताया कि रामलीला मंचन के लिए अनुमति जारी की जा रही हैं। लेकिन, मेले में जो झूले लगाए जाने हैं पहले उनकी जांच सम्बंधित क्षेत्र के एडीएम, एसडीएम द्वारा की जाएगी। हाल की घटनाओं के चलते झूलों को लेकर सख्ती बरती जाएगी, ताकि कोई हादसा न हो सके। सम्भावना है कि इस बार मेलों में बड़े झूले न लगें। हालांकि, मेले में लगने वाले स्टॉल को लेकर भी डीएम द्वारा कोई स्पष्टï जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि फूड स्टॉल के लिए अनुमति दी जा रही है, लेकिन बिजनेस की सम्भावना से लेकर लगाए जाने वाले स्टॉल पर उन्होंने भी कोई स्पष्टï जवाब नहीं दिया। ऐसे में दर्शकों को मंचन के साथ मेला देखने को मिल सकेगा या नहीं अभी इस सम्बंध में कुछ नहीं कहा जा सकता है।