युग करवट ब्यूरो
रामपुर। उपचुनाव को लेकर यहां जिस तरह रोज माहौल बदल रहा है उससे लगता है कि इस बार रामपुर का उपचुनाव काफी रोचक रहेगा। जिस तरह यहां पर सपा नेताओं की ज्वाइनिंग हो रही है उससे तो और ही अलग माहौल दिखाई दे रहा है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में जो चर्चाएं हो रही हैं उसमें कहा जा रहा है कि भाजपा में जो ज्वाइनिंग हो रही है ऐसा लगा रहा है जैसे वह आत्मसर्पण कर रहे हों।
अभी हाल ही में दो ऐसे नेताओं की ज्वाइनिंग हुई है जो कई साल से फरार थे, गुडा एक्ट लग गया था, जिला बदर के आदेश जारी हो गये थे और वह शहर से बहुत दूर कहीं रह रहे थे। यहां तक की वह अपने घर भी नहीं आते थे क्योंकि जिला बदल के आदेश थे, लेकिन अचानक ही वह प्रकट ही नहीं हुए बल्कि भाजपा के बड़े नेताओं की मौजूदगी में उन्हें पार्टी ज्वाइन कराई गई और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया। जाहिर है उन्होंने पार्टी में आने के बाद बहुत सुकून महसूस किया होगा कि कम से कम अब वह अपने शहर लौट आए हैं। रोज कोई ना कोई मुस्लिम नेताओं की ज्वाइनिंग हो रही है। अब वह भाजपा के लिए कितने फायदेमंद साबित होंगे ये आठ दिसंबर को ही पता चलेगा, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि भाजपा जिस तरह का मैसेज देना चाहती है उसमें वह काफी हद तक सफल हो रही है।
मुस्लिम बाहुल्य सीट पर मुस्लिम नेताओं की ज्वाइनिंग भाजपा उम्मीदवार आकाश सक्सेना के लिए जरूर एक सकारात्मक संदेश है। हालांकि जिन लोगों ने भाजपा ज्वाइन की है उनका अपने समाज में कितना असर था या होगा ये कहना बहुत मुश्किल है। क्योंकि इन सबकी की पहचान सपा के नेता आजम खां से ही थी। अब इस पहचान का वह भाजपा में कितना लाभ लेंगे यह देखने वाली बात होगी। जिस तरह का रामपुर की सीट पर माहौल चल रहा है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चुनावी परिणाम कुछ भी हो सकते हैं।
मुस्लिम इलाकों में भाजपा उम्मीवार आकाश सक्सेना की जिस तरह बैठकें हो रही हैं, उनके साथ जिस तरह लोग जुड़ रहे हैं। यदि ये लोग मतदान वाले दिन कुछ मेहनत कर लेंगे तो तस्वीर काफी हद तक बदल सकती है। फिलहाल भाजपा हाईकमान ने पूरी ताकत रामपुर सीट पर लगा रखी है। वहीं भाजपा के कुछ ऐसे नेता हैं जो अंदरखाने अपने ही उम्मीदवार आकाश सक्सेना को लेकर खुश नहीं हैं और वह नहीं चाहते कि आकाश सक्सेना की जीत हो। अब आकाश सक्सेना को अपने घर के अंदर भी यानि अपनी पार्टी के उन नेताओं को भी मनाना होगा जो कहीं ना कहीं अंदरखाने माहौल बना रहे हैं। बहरहाल यह चुनाव भले ही सरकार बनाने या बिगाडऩे में कोई भूमिका ना निभा रहा हो, लेकिन यहां का रिजल्ट जरूर संदेश देने वाला होगा।