युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने हाल ही में साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के सभी 10 मंडल अध्यक्ष, मंडल महामंत्री, शक्ति केंद्र संयोजक, सेक्टर प्रभारी, वार्ड अध्यक्ष, वार्ड सचिव एवं बूथ सत्यापन अधिकारियों की बैठक ली। हालांकि इस बैठक में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई लेकिन बैठक के दौरान ही पदाधिकारियों ने राधामोहन सिंह से कुछ आशंकाओं को लेकर सवाल कर दिए। उन्होंने सभी सवालों के जवाब भी दिए। उनके जवाब आने के बाद बैठक में मौजूद कई कार्यकर्ताओं के चेहरे उतर गए।
दरअसल, भाजपा में इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि जिन-जिन कार्यकर्ताओं को विधानसभा प्रभारी बनाया गया, पार्टी उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं देगी।
इस चर्चा को उस समय बल मिला जब संगठन की बैठक में शामिल होने वसुंधरा पहुंचे संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि संगठन में जिम्मेदारी मिलने वाले कार्यकर्ता टिकट न मांगे तो ही बेहतर। तभी से उन कार्यकर्ताओं में बेचैनी छाई हुई थी जो टिकट की दौड़ में है। इसके बाद विधानसभा प्रभारियों की सूची आ गई। इस सूची में उन कार्यकर्ताओं के नाम भी शामिल मिले, जो टिकट चाह रहे हैं।
पार्टी में इस विषय पर चर्चा और विधानसभा प्रभारियों की सूची आने के बाद साहिबाबाद में विधायक सुनील शर्मा के समर्थकों में खुशी छा गई। उन्होंने यह मान लिया कि विधायक सुनील शर्मा को टिकट मिलने का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि इस सीट से टिकट की दावेदारी करने वाले दो सशक्त पदाधिकारी योगेश त्रिपाठी और अजय शर्मा को विधानसभा प्रभारी बना दिया गया।
विधायक के समर्थकों की ओर से कहा जाने लगा कि एक बार फिर से उन्हें ही टिकट मिलेगा, क्योंकि जो भी टिकट मांग रहे हैं, उन्हें पार्टी ने संगठन की जिम्मेदारी दे दी है। उधर, पार्टी के भीतर इस तरह की चर्चा से उन कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढऩे लगी जो टिकट की दौड़ में हैं, मगर पार्टी ने उन्हें विधानसभा प्रभारी बना दिया। साहिबाबाद से टिकट की दौड़ में मजबूती से शामिल योगेश त्रिपाठी को बागपत और अजय शर्मा को लोनी विधानसभा का प्रभारी बनाया गया है।
टिकट की दौड़ में शामिल कार्यकर्ताओं को राधामोहन सिंह की बैठक में इस अनिश्चितता को खत्म करने का मौका मिल गया। बताया जाता है कि बैठक के दौरान एक कार्यकर्ता ने यह पूछ लिया कि जिन कार्यकर्ताओं को विधानसभा प्रभारी बनाया गया है, क्या पार्टी उन्हें टिकट देने पर विचार नहीं करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस पर प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने कहा कि नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है। टिकट वितरण के लिए ऐसा कोई नियम नहीं बनाया गया। टिकट का निर्धारण कई फैक्टरों को नजर में रखकर किया जाएगा। इनमें सबसे पहले देखा जाएगा कि जो वर्तमान विधायक है, उसके प्रति क्षेत्र के लोगों की क्या राय है।
सूत्रों के अनुसार, दूसरी अहम बात उन्होंने जो कही, वह थी कि कोई विधायक यह न समझें कि उनका टिकट पक्का है। किसी का टिकट पक्का नहीं है। सारे फैक्टरों का मुल्यांकन करने के बाद ही टिकट का निर्धारण किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश प्रभारी के मुंह से यह वाक्य निकलते ही हॉल में मौजूद कई कार्यकर्ताओं के चेहरों पर खुशी छा गई तो कई के चेहरे उतर गए।