बिना इंतजार किये पूरे कराएं चुनाव
नई दिल्ली। लोकल चुनाव के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और संघशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वो पेंडिंग लोकल चुनाव को पूरा कराएं, ओबीसी आरक्षण को लेकर इंतजार न करें।
कोर्ट के इस आदेश से विशेषकर मध्य प्रदेश में स्थानीय चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने एमपी चुनाव आयोग को अधिसूचना जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश में लोकल चुनाव में ओबीसी आरक्षण का मामला लगातार विवाद का हिस्सा बना हुआ है जिसके चलते यहां एक साल से ज्यादा वक्त से भी लोकल चुनाव लटके हुए हैं।
आज इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान में हर 5 साल के अंदर चुनाव कराने की व्यवस्था है, लिहाजा चुनावों में देरी नहीं की जा सकती। इसके साथ ही कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जो भी पॉलिटिकल पार्टी ओबीसी की पक्षधर हैं, वो सभी सीटों पर ओबीसी उम्मीदवार उतारने के लिए स्वतंत्र हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश चुनाव आयोग को 2 सप्ताह के भीतर मतदान की सूचना देने का निर्देश देते हुए ओबीसी आरक्षण के बिना स्थानीय निकाय चुनावों का आदेश दिया है। यानी मध्य प्रदेश में बिना ओबीसी आरक्षण के ही स्थानीय निकाय के चुनाव होंगे। कोर्ट ने कहा है कि पिछले दो साल से 23 हज़ार के करीब स्थानीय निकाय के पद खाली पड़े हैं। आरक्षण देने के ट्रिपल टेस्ट को पूरा करने के लिए और वक्त नहीं दिया जा सकता, लिहाजा चुनाव पूरे कराए जाएं।