युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश के नवनियुक्त पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप आज मंत्री बनने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने विभाग की योजनाओं के साथ गाजियाबाद के विकास में कराये जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने मंत्री बनाये जाने पर मुख्यमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेतृत्व की अपेक्षा को शत-प्रतिशत ईमानदारी से पूरा करने के संकल्प के साथ पूरा करूंगा। दोनों ही विभाग अति महत्वपूर्ण हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से प्रदेश की ६२ फीसदी आबादी जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से ओबीसी छात्र-छात्राओं की रूकी हुई छात्रवृत्तियों को फिर से शुरू किया जाएगा। ओबीसी समाज के बच्चों की एडमिशन फीस की क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही इस समाज के बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर व पुस्तकालय खोले जाएंगे। ओबीसी समाज की लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक अनुदान दिया जाएगा। कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
इस विभाग का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगों का सशक्तिकरण करना है। इसके तहत उन्हें कृत्रिम अंग, ट्राई साइकिल एवं बीमारियों का इलाज आदि प्रमुख है। कश्यप ने कहा कि गाजियाबाद का नागरिक होने के कारण यहां के विकास की जिम्मेदारी भी उन पर है। युवाओं के लिए अंतरराष्टï्रीय स्टेडियम बनाने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीण अंचलों में नये स्कूल खोलने और स्कूल-कॉलेजों में सुविधाएं विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों के दौरान गाजियाबाद का प्रदूषण स्तर बढ़ गया है। इस दिशा में भी कार्य करने का प्रयास किया जाएगा।
युग करवट के सवाल के जवाब में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा कि ओबीसी समाज की १७ जातियां जैसे बिंद, कश्यप, कुम्हार, मल्लाह, राजभर आदि को अनुसूचित जाति-जनजाति में शामिल करने का अभियान जारी रहेगा। फिलहाल यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है। मैंने इस विषय से संबंधित सारी फाइलें मंगाई हैं। निरीक्षण के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। प्रेसवार्ता में राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल अग्रवाल, पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, महामंत्री पप्पू पहलवान, सौरभ जायसवाल, नितिन त्यागी, सिद्धार्थ कश्यप आदि मौजूद थे।