नगर संवाददाता
गाजियाबाद(युग करवट)। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत लोहिया नगर स्थित हिन्दी भवन में जिला प्रशासन और सिविल डिफेंस द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने हास्य, व्यंग्य, प्रेमरस, देशभक्ति पर आधारित कवि सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहावाही लूटी। कवि सुरेन्द्र शर्मा और पापुलर मेरठी की कविता सुन लोग हंस-हंस कर लोटपोट होते नजर आए।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मेयर आशा शर्मा, सीडीओ विक्रमादित्य सिंह मलिक, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, कवि विष्णु सक्सेना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेयर आशा शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि देश को आजाद हुए ७५ साल हो गए हैं, इस अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। यह सिर्फ एक महोत्सव ही नहीं, बल्कि देश की आजादी के जश्न का समय है। इसके उपरांत शुरू हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविताओं को सुनाकर ऐसा समा बांधा हर कोई तालियां बजाने को मजबूर हो गया। वरिष्ठ कवि सुरेन्द्र शर्मा ने पति-पत्नी के बीच खट्टे मीठे सम्बंधों, नोटबंदी से लेकर दलितों के घर खाना खाने को लेकर राजनीति पर गहरा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ‘राजा का काम नहीं है मंदिर बनाना’, ‘उसका काम है देश को मंदिर बनाए’, ‘दलितों के घर खाना, खाना राजा का काम नहीं’, ‘राजा वह, जो दलित उसके घर का खाना खाएं’। अपने व्यंग्य बाण से उन्होंने राजनीतिक पाटियों पर भी कटाक्ष किए। अपनी हास्य शैली के बीच कवि सुरेन्द्र शर्मा ने बिखेरे-बिखेर हैं सभी आओ एक घर में रहे, क्या पता तुम न रहो, क्या पता हम न रहे, सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया। कवि पापुलर मेरठी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में सुनाया ‘उठ गई डोली मेरी १२वीं महबूबा की, वहीं होता है जो मंजूरे खुदा होता है, फनकार हम भी हैं जहान की सारी उड़ान रखते हैं, दुनिया जो जानती है, जो हमारी शान है, बेगम बोली, चुप रहे जबान हमारे पास भी है’। डॉ. प्रवीण शुक्ला ने ‘आन-मानसम्मान मिट एक-एक अरमान मिटे’ सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतकार कवि विष्णु सक्सेना ने सुनाया कि वतन के पेड़ की मजबूत सारी डालियां, हर तरफ से हो रही सरहदों की रखवालियां। लोगों ने तालियां बजाकर उनको सम्मान दिया। वरिष्ठ पत्रकार व कवि राज कौशिक ने भी कहा कि ‘कब तक तू सपना देखेगा कश्मीर को हमसे लेने का, कश्मीर तो तुझको क्या देंगे, लाहौर-कराची ले लेंगे’। इसके बाद आए विनित चौहान ने देश की आजादी में अपनी जान कुर्बान करने वाले बिस्मिल, भगत सिंह, अशफाक को लेकर कविता सुनाकर लोगों की वाहवाही बटोरी। कवियत्री अंजू जैन ने कहा कि ‘तमन्ना है कि जहां सारा हिंदुस्तान हो जाए, दुआ करती हूं हर इक आदमी इंसान हो जाए’। इसके अलावा अन्य कवियों ने भी कविता पाठ किया, इनमें डॉ. राजीव राज ने ‘वतन की धूल को चंदन तिरंगे को कफन कर दो’, सुनाकर सभी को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। कवि सम्मेलन में युग करवट के प्रधान संपादक सलामत मियां, दर्जाप्राप्त मंत्री बलदेव राज शर्मा, डिप्टी चीफ वार्डन अनिल अग्रवाल, शिक्षाविद् रिचा सूद, सुभाष गर्ग, भाजपा नेता पप्पू पहलवान, अतुल जैन, पीडी पीएन दीक्षित, इन्द्रजीत सिंह टीटू आदि मौजूद रहे।