मेरे संस्मरण मेरी धरोहर
गाजियाबाद (युग करवट)। मुझे मान्यवर राजनाथ सिंह जी के साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जब आप गाजियाबाद से लोकसभा के सांसद चुने गए उस समय मान्यवर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, उन्होंने जीतने के बाद मुझे गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र का अपना सांसद प्रतिनिधि बनाया।
इस दौरान मैंने महसूस किया की, मान्यवर दूसरे नेताओं से काफी भिन्न है वह छोटे-छोटे कार्यकर्ता का भी पूरा ध्यान रखते थे और उन्हें पूरा सम्मान दिया करते थे। वह एक बहुत ही संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी थे। वैसे तो भाजपा में हमारे कई नेता संवेदनशील है जिनमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हमारे पूर्व सांसद व केन्द्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं हमारे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह इत्यादि कई नेता है लेकिन राज नाथ सिंह जी के जिस व्यवहार के कारण मैं उसे ज्यादा प्रभावित हुआ वह मैं नीचे लिख रहा हूं।
16 अगस्त 2018 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न आदरणीय अटल बिहारी वाजपेई जी का देहांत हो गया था। उनका अस्थि कलश लेकर राजनाथ सिंह जी 23 अगस्त को लखनऊ गए थे। मैं भी उसी दिन लखनऊ पहुंचा। लखनऊ के हवाई अड्डे से लेकर गोमती नदी तक सडक़ों के दोनों और लाखों की संख्या में लखनऊ की जनता खड़ी होकर फूलों की वर्षा कर रही थी, मैं रात्रि में रुका और प्रात: काल प्रदेश कार्यालय गया तो मुझे मेरे बेटे विपुल का फोन आया की, मां की तबीयत अचानक खराब हो गई है और हम उन्हें हॉस्पिटल जा रहे हैं। यह सुनकर मैं फौरन वापस कार द्वारा गाजियाबाद के लिए चल दिया मुझे रास्ते में यह सूचना मिल गई की मेरी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा शर्मा को बचाया नहीं जा सका। अगले दिन 25 अगस्त को उनकी अंत्येष्टि हिंडन नदी के तट पर कर दी गई। लखनऊ से राजनाथ सिंह जी ने अपने सुपुत्र नीरज सिंह जी को गाजियाबाद भेजा। नीरज सिंह ने मुझे बतलाया की मान्यवर 4 सितंबर को रसम पगड़ी की कार्यक्रम में आएंगे क्योंकि कल लखनऊ में उनके सरकारी कार्यक्रम लगे हुए हैं।मैंने बताया की रसम पगड़ी 4 सितंबर की बजाय 30 अगस्त को ही होगी कृपया आप यह सूचना मान्यवर जी को दे दे।
हम जब हिंडन नदी से वापस घर पहुंचे तो दोपहर ठीक तीन बजे जिलाधिकारी गाजियाबाद एवं एसएसपी जिला गाजियाबाद का फोन आया की शर्मा जी आप अपने घर की लोकेशन हमें भेज दें क्योंकि देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी आज साय: काल 4 बजे आपके घर पहुंच रहे हैं और मान्यवर दिल्ली के हवाई अड्डे से सीधे हमारे घर पहुंचे और परिवार को अपनी शोक संवेदना देकर कहां की परम आदरणीय श्रीमती कृष्णा शर्मा जी का विशेष लगाव था, वह जलपान अपने हाथों से मुझे कराया करती थी उनका स्नेह और प्यार मैं जीवन भर नहीं भूल सकता। लगभग एक घंटा वह हमारे परिवार के साथ रहे मैंने जब उनसे पूछा कि आज नीरज जी आ गए थे, तो उन्होंने कहा की मुझे जब पता चला की रसम पगड़ी अब 30 तारीख को होनी है और उस दिन मुझे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखपुर जाना है। इसलिए मैं आज आ गया और यहीं से मैं सीधा हवाई अड्डे जाऊंगा और आज रात्रि को लखनऊ मैं भी एक बहुत जरूरी मीटिंग है। उस रोज मुझे यह महसूस हुआ राजनाथ सिंह जी कितने संवेदनशील व्यक्ति है केवल उनका यह व्यवहार ही है, जिसके कारण पार्टी के कार्यकर्ता उनसे प्यार करते हैं माननीय जी हमारे घर पर कई बार आए थे और वह मेरी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा शर्मा जी के व्यवहार से बहुत प्रभावित थे,मैं उनके इस व्यवहार को जीवन भर नहीं भूल सकता।