युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मौसम में बदलाव के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रहस्यमयी बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। राजधानी लखनऊ के तमाम सरकारी अस्पतालों में 40 बच्चों समेत 400 वायरल से संक्रमित मरीजों को भर्ती कराया गया है। ओपीडी में 20 प्रतिशत मरीज बुखार, सर्दी और कन्जेशन के आ रहे हैं। गाजियाबाद में भी वायरल बुखार के मामलों में तेजी आ रही है। मेयर आशा शर्मा भी वायरल बुखार से पीडि़त है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह सीजनल फ्लू है। वायरल के मरीज अचानक बढऩे से अस्पतालों में दहशत का माहौल है। सरकार की ओर से अस्पतालों में निर्देश दिए गए हैं कि ओपीडी में इलाज से पहले मरीजों का कोरोना का एंटीजन टेस्ट कराया जाए। राजधानी के बलरामपुर हॉस्पिटल, सिविल हॉस्पिटल और लोहिया इंस्टीट्यूट में वायरल के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहां ओपीडी में 300 से ज्यादा मरीज बुखार की समस्या के साथ आए। गाजियाबाद में भी वायरल बुखार से पीडि़त लोगों की संख्या में भारी तेजी आई है। सरकारी एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में बुखार की शिकायत लेेकर आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएमओ डॉ शंखधर ने बताया कि मौसम में आद्रता बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में वायुमंडल की निचली सतह पर वायरस मौजूद होते हैं। वायरल फीवर के मामलों में इजाफा हुआ है लेकिन अभीतक किसी में डेंगू के लक्षण नहीं पाए गए। वहीं, फिरोजाबाद में बुखार से मरने वालों की संख्या 50 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 6 और लोगों की मौत हुई है। लापरवाही के आरोप में तीन डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है। गुरुवार को दो बच्चों की मौत हुई थी।