युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद की तीन विधानसभा सीटों पर रालोद के प्रत्याशियों को मिली हार की समीक्षा के लिए आज मेरठ तिराहा स्थित पार्टी कार्यालय पर बैठक बुलाई गई है। बैठक में समीक्षा कमेटी के तीनों सदस्य राजेन्द्र शर्मा, अश्विनी तोमर और जैनेन्द्र नरवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियो से वार्ता की। खास बात यह रही कि बैठक में मुरादनगर सीट से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े पूर्व विधायक सुरेन्द्र कुमार मुन्नी, मोदीनगर से कैंडिडेट रहे पूर्व विधायक सुदेश शर्मा और लोनी से प्रत्याशी रहे मदन भैया में से कोई नहीं पहुंचा।
दरअसल, विधानसभा चुनाव में रालोद ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। गठबंधन में रालोद को 33 सीटों मिली थीं। जनपद की तीन सीटों पर रालोद के कैंडिडेट चुनाव लड़े थे। तीनों ही सीटों पर रालोद प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी 33 में से मात्र 8 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई थी। चुनाव परिणाम अपेक्षित नहीं आने के कारण पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी से उत्तर प्रदेश के संगठन की सभी इकाईयों को भंग कर दिया था। साथ ही हार की समीक्षा के लिए तीन सदस्य राजेन्द्र
शर्मा, अश्विनी तोमर और जैनेन्द्र नरवार की समिति बनाई थी। आज यह तीन सदस्यीय समिति रालोद कार्यालय पहुंची और हार के कारणों की समीक्षा कर अपने सुझाव संगठन के पदाधिकारियों को दिए। पदाधिकारियों ने भी पार्टी को मजबूत करने के लिए अपने विचार रखे। बैठक में निर्णय लिया गया कि पार्टी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी और विधानसभा चुनाव में हार से सबक लेते हुए अपनी खामियों को दूर करेगी। समीक्षा बैठक में रालोद के टिकट पर चुनाव लड़े तीनों प्रत्याशियों को भी पहुंचना था, लेकिन उन्होंने बैठक से दूरी बना ली। बैठक में वरिष्ठ रालोद नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी तेजपाल सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष अरुण चौधरी भुल्लन, वरिष्ठ रालोद नेता अजय प्रमुख, गन्ना परिषद मोदीनगर के चेयरमैन अमरजीत सिंह बिड्डी, वरिष्ठ नेता अजयवीर सिंह एडवोकेट, सुशील तेवतिया, कमल जाटव, रवि हरित, लोकेश कटारिया, अरुण शर्मा, कुलदीप चौधरी, योगेन्द्र पतला, डॉ. अजय, विशाल सिरोही, प्रदीप धर्मराज, गौरव समेत बड़ी संख्या में रालोद नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।