युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। रईसपुर, सदरपुर, मैनापुर, हरसांव समेत छह गांव के किसान पिछले कई वर्षों से बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है। किसानों की मांग है कि सरकारी विभागों के भवनों और कार्यालयों के लिए उनसे ली गई जमीनों का मुआवजा फिर से तय है। वे पिछले कई सालों से रईसपुर में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आज भारतीय किसान यूनियन के राष्टï्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरनारत किसानों के बीच पहुंचकर आंदोलन को और तेज कर दिया। टिकैत ने वहां बैठे किसानों से उनकी मांगों को लेकर चर्चा की। इसके बाद उपस्थित किसानों को संबोधित किया।
टिकैत ने कहा कि जबतक किसानों की मांगें पूरी नहीं होगी, वे यहां लगातार आते रहेंगे। सरकार अब किसानों को दबा नहीं पाएगी। किसानों के हक को अब कोई मार नहीं सकता है। जिन जमीनों को सरकारी दफ्तर बनाने के लिए लिया गया था, उसका उचित प्रतिकर देना ही होगा।
उन्होंने कहा कि सरकारों को अब किसानों की ताकत का अहसास हो गया है। केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है, इसका हम स्वागत करते हैं लेकिन अभी मांगें पूरी नहीं हुई है। जबतक एमएसपी पर कानून नहीं बन जाता और किसानों की अन्य मांगे पूरी नहीं हो जाती, तबतक किसान चुप नहीं रहेंगे। भाकियू नेता राजवीर सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत के यहां आने से किसानों का जोश दोगुना हो गया है। अब बढ़ा हुआ मुआवजा लेकर ही धरने को खत्म किया जाएगा। इस मौके पर हरनिवास, बोस, शीशपाल, राजकुमार, रविंद्र प्रधान, उमेश चौधरी, बंटी चौधरी आदि ने टिकैत का स्वागत किया।