गाजियाबाद (युग करवट)। कभी भाजपा को सबसे अनुशासन वाली पार्टी कहा जाता था। बड़ों को सम्मान और छोटों को मान देने में इस पार्टी का कोई सानी नहीं था। मगर अब भाजपा बदल चुकी है। अब इस पार्टी में ना बड़ों को सम्मान देने की प्रथा बची है ना छोटों को मान देने की। ये पीड़ा आजकल सोशल मीडिया पर व्यक्त की जा रही है। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्घांजलि देने का कार्यक्रम था। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी शामिल थे। पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी थे। सभी प्रदेश अध्यक्ष के इर्द गिर्द खड़े हुए थे। इस फोटो के एक कोने में तकरीबन पांचवी पंक्ति में रमेश चंद तोमर दिखाई पड़ रहे हैं। रमेश चंद तोमर चार बार सांसद रहे हैं। आज उन रमेश चंद तोमर को लगभग संगठन ने हाशिये पर कर दिया है। इस फोटो को लोग खूब वायरल कर रहे हैं। लोग लिख रहे हैं कि चार बार के सांसद ठाकुर रमेश चंद तोमर जिन्हें गुरू जी कह कर पुकारा जाता है। उन्होंने अटली जी और आडवाणी जी के साथ संघर्ष किया था। गाजियाबाद के सबसे सीनियर भाजपा नेता, उनके सामने तमाम जूनियर नेता फ्रंट लाइन पर हैं। प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी भी जिनसे कनिष्ठ हैं। सेंटर में खड़े महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा वर्ष 2007 में उन्हीं का आशीर्वाद लेकर भाजपा में शामिल हुए थे। जो लोग एक समय गुरू जी रमेश चंद तोमर के पैर छुआ करते थे आज उनसे आगे खड़े हुए हैं। जिस पार्टी में बड़ों का सम्मान खत्म हो जाता है फिर उस पार्टी की क्या स्थिति होती है ये गैरभाजपाई दलों में देखी जा सकती है। इसलिए जरूरी है सत्ता भले ही हो लेकिन बड़ों का सम्मान भी जरूरी है।