मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली में
लखनऊ (युग करवट)। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से जितनी सीटें भाजपा को मिलने की उम्मीद थी और केंद्र से लेकर प्रदेश के सभी मंत्रियों को लगाया गया था, उसके बावजूद भी भाजपा यूपी में मात्र 80 में 33 सीट ही जीत पाई। वहीं महाराष्टï्र में भी भाजपा का कुछ यही हाल रहा। वहां पर हार की जिम्मेदारी लेते हुए उप मुख्यमंत्री फर्नाडीज ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। फर्नाडीज के इस्तीफे के बाद भाजपा में अंदरखाने इस बात को लेकर चर्चा होने लगी कि यूपी में भी करारी हार हुई है तो योगी जी को भी इस्तीफा देना चाहिए। बहरहाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तीन दिन की खामोशी के बाद एक्शन में आए। उन्होंने सबसे पहली अधिकारियों के साथ बैठक ली, वहीं कई मंत्रियों को अपने यहां बुलाया और हार के बारे में जानकारी ली। वहीं दिल्ली में हार को लेकर मंथन हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आज दिल्ली पहुंच रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी दिल्ली तलब किये गये हैं।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में भाजपा 16 मंत्रियों के क्षेत्र में हारी है तो वहीं यूपी के मंत्री भी चुनाव हार गये। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी किसी तरह चुनाव जीत पाईं। उनकी स्थिति भी अब बहुत नाजुक है। वहीं ओमप्रकाश राजभर भी कुछ नहीं कर पाये। यूपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भी फेल साबित हुए। उनके बेटे भी चुनाव हार गये। 16 मंत्रियों के क्षेत्र में मिली करारी हार को लेकर बड़े एक्शन की तैयारी है। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में बहुत बदलाव देखने को मिलेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन मंत्रियों के क्षेत्र में भाजपा को करारी हार मिली है उनमें से भी कई मंत्रियों को हटाया जा सकता है। वहीं यूपी से इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में बहुत ही सोच समझकर मंत्री बनाये जाएंगे। भाजपा ने जिन नेताओं को दूसरे दलों से लाकर मंत्री बनाया था वो बिल्कुल सफल नहीं हो पाये।