युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। अभी झारखंड के धनबाद जिले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हत्या की गुत्थी सुलझ भी नहीं पाई है कि उत्तर ्रप्रदेश में भी एक जिला जज की हत्या करने का प्रयास किया गया। गनीमत है कि इस मामले में जिला जज बाल-बाल बच गए। यह घटना कौशांबी जिले में हुई। गुरुवार को प्रयागराज से फतेहपुर जा रहे फतेहपुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (स्पेशल जज पॉक्सो) मोहम्मद अहमद खां की गाड़ी में पहले टक्कर मारी गई। फिर उनके साथ लूट करने का प्रयास किया गया। बदमाश इनोवा कार से आए थे। बदमाश द्वारा जज की गाड़ी में टक्कर मारते ही सुरक्षा गार्ड और चालक सर्तक हो गए। उन्होंने कार को वहां से तेज गति से आगे बढ़ा दिया। कार में तेज टक्कर लगने से जज का गनर चोटिल हो गया है जबकि एडीजे की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। अपर जिला जज मोहम्मद अहमद खां ने कोखराज थाने पहुंच कर हत्या के प्रयास की तहरीर दी है। देर रात तक इस प्रकरण में केस दर्ज नहीं किया गया।
फतेहपुर में तैनात जिला सत्र न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खां न्यायिक कार्य के लिए प्रयागराज आए थे। इसके बाद गुरुवार की देर शाम वह फतेहपुर लौट रहे थे। वह कौशाम्बी के कोखराज के चाकवन चौराहे पर पंहुचे ही थे कि पीछे से आ रहे इनोवा सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी कार में टक्कर मारकर लूट का प्रयास किया। इसमें विफल होने पर वह भाग निकले। एडीजे मोहम्मद अहमद खां ने तहरीर में लिखा है कि बरेली में दिसंबर 2020 में एक मुस्लिम युवक की जमानत खारिज करने के दौरान उन्हेंं जान से मार देने की धमकी मिली थी। वह युवक कौशाम्बी का ही रहने वाला है। पुलिस ने इनोवा बरामद कर ड्राइवर को पकड़ लिया है।
कार चालक से पूछताछ की जा रही है। स्पेशल जज ने इसे साजिश बताया है। वह कुछ साल पहले इलाहाबाद जिला न्यायालय में एसीजेएम थे। स्पेशल जज के साथ हुई इस घटना से परिवार वाले परेशान हैं। उन्होंने कहा कि वह कार में जिस तरफ बैठे थे, उसी तरफ कई बार टक्कर मारी गई। कार में जिस तरीके से टक्कर मारी गई वह जान लेने की कोशिश है। वह कुछ साल पहले इलाहाबाद जिला न्यायालय में एसीजेएम थे। कोखराज पुलिस मामले की जांच कर रही है। इंस्पेक्टर कोखराज ज्ञान सिंह यादव का कहना है कि तहरीर मिली है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। जिस ड्राइवर को पकड़ा गया है, उसका बरेली की जमानत वाले मामले से कोई जुड़ाव नहीं है।