लोकसभा चुनाव २०२४
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक साल पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। भाजपा एक ऐसा दल है जो एक चुनाव के खत्म होते ही दूसरे चुनाव की तैयारी शुरू कर देता है। अन्य दल तो नामांकन वापसी तक उम्मीदवारों का चयन ही नहीं कर पाते हैं। भाजपा ने २०२४ को लेकर कहां-कहां पर कार्यालय खुलेंगे, जगह भी तलाश शुरू कर दी है और अन्य दल अभी तक केवल रणनीति बनाने में ही लगे हुए हैं। तीन दिन पहले सपा और कांग्रेस में तलवारें खिंच गई थी। तीन सीटों को लेकर गठबंधन टूट सा गया था। लेकिन अगर ये कहा जाये कि कांगे्रस ने सपा के सामने हथियार डाल दिये तो गलत नहीं होगा क्योंकि जो सपा पहले १७ सीटें दे रही थी उतनी ही सीटें अब भी कांगे्रस को दी है। लेकिन राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच गठबंधन हो गया है यानि यूपी में भाजपा को हराने के लिए दो लडक़ों का मिलन हो गया है। ऐसा नहीं है कि ये मिलन पहली बार हुआ है। इससे पहले भी ये दो लडक़े मिल चुके थे लेकिन भाजपा का जीत का रास्ता नहीं रोक पाये। अब जब 22 जनवरी 2024 को पांच सौ साल का सपना पूरा हो गया है और भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हो गई ऐसे में जो भाजपा का माहौल है क्या ये दो लडक़े मोदी जी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का सपना तोड़ पाएंगे ये बड़ा सवाल है। क्योंकि आज देश में सभी धर्म और जाति के लोगों में जो माहौल है उसको देखकर ये लगता है कि ये मिलन भी कोई खास साबित नहीं होगा। बहरहाल चुनाव में कब कौन किसको पलटी दे दे ये भी कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन जो दिखता है वो बिकता है। आज जो तस्वीर दिखाई दे रही है वो बिल्कुल अलग है। बसपा प्रमुख मायावती का फिर बयान आया है कि वो किसी से भी गठबंधन नहीं करेंगी। ये बयान अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। यदि बसपा किसी से गठबंधन नहीं करेगी तो फिर भाजपा का जीत का रास्ता रोकना बहुत मुश्किल है। राष्टï्रीय लोकदल का एनडीए में जाना लगभग तय माना जा रहा है इसलिए पश्चिम में भी भाजपा की राहें और आसान हो गई है। यदि रालोद, कांग्रेस, सपा, बसपा ज्वाइंट होकर चुनाव लड़ते तो भाजपा उत्तर प्रदेश में तीस सीटें भी मुश्किल से जीत पाती, लेकिन आज तस्वीर बदली हुई और जो 14 सीटें 2019 में भाजपा हारी थी, उनमें से अधिकतर सीटों पर इस बार कमल खिलने की उम्मीद है। बहरहाल, लोकसभा चुनाव में कम ही समय रह गया है। अगले माह आचार संहिता लग जाएगी तब तक देखते हैं और कौन किसके पाले में बैठता है। जय हिंद