प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता जितनी है वैसे ही अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। अगर चुनावों की बात हो तो चाहे वो किसी भी राज्य में हो, वहां प्रधानमंत्री के बाद अगर किसी की चुनावी सभाओं की मांग होती है तो उसमें योगी आदित्यानाथ नंबर-१ पर हैं। अभी तक इन्वेस्ट के लिए प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो अमेरिका में हुआ था। अब चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में विदेशी उद्यमियों काा इन्वेस्ट करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विदेशों में दौरे करेंगे और उनके रोड शो होंगे। यदि ये चर्चाएं सही साबित होंगी तो योगी आदित्यनाथ पहले ऐसे मुख्यमंत्री होंगे जिनका विदेशों में रोड शो होगा। ये बात दिल्ली वालों को कितनी खटकेगी ये आने वाला समय ही बतायेगा। अगर अंदर की बात की जाए और जो अंदर के सूत्र बताते हैं उनपर भरोसा किया जाये तो दिल्ली व लखनऊ के बीच संबंध ठीक नहीं हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण यही है कि आज योगी जी भी एक लोकप्रियता नेता के रूप में उभरे हैं और यही बात दिल्ली वालों को पसंद नहीं हैं। इसके कई प्रमाण भी अभी हाल ही में दिखाई दिये हैं। सबसे बड़ा प्रमाण है कि तत्कालीन प्रमुख गृह सचिव अवनीश अवस्थी को सेवा विस्तार नहीं दिया गया और उनकी फाइल खारिज कर दी गई। जबकि, इसके जवाब ने मुख्यमंत्री ने उनको अपना सलाहकार नियुक्त कर दिया। जबकि, मौजूदा मुख्य सचिव दुर्गेश मिश्रा को सेवा विस्तार देकर दिल्ली से लखनऊ भेजा गया। इसके अलावा भाजपा को लेकर भी कुछ ऐसी चर्चाएं हैं। इन बातों से लगता है कि दिल्ली व लखनऊ के बीच मधुर संबंध नहीं हैं। वहीं, प्रधानमंत्री ने नोएडा एक्सपो में जब आये थे तभी इस बात के संकेत मिल गए थे कि प्रदेश के दो आईएएस अफसर सुरेंद्र सिंह (पूर्व कमिश्नर मेरठ) और दीपक अग्रवाल जो मौजूदा में बनारस के कमिश्नर हैं उनको दिल्ली बुलाया जायेगा। वही हुआ, पहले सुरेंद्र सिंह बुलाये गये और अब दीपक अग्रवाल की भी नियुक्ति पांच साल के लिए केंद्र सरकार में हो गई हैं। अभी कुछ और आईएएस केंद्र सरकार में बुलाये जा सकते हैं। बहरहाल रोड शो को लेकर खूब चर्चाएं हैं। अब ये समय ही बतायेगा कि ये चर्चाएं कब हकीकत में बदलती हैं।
– जय हिन्द।