ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए एक्शन प्लान
युग करवट संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना के कारण बने गंभीर हालात को देखते हुए योगी सरकार ने लॉकडाउन सोमवार तक के लिए बढ़ा दिया है। अभी तक गुरुवार सुबह सात बजे तक ही बंद की घोषणा की गई थी पर स्थिति को मद्देनजर रखते हुए लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। ये आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 के साथ हुई बैठक मेंं दिए। हालांकि प्रदेश में कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या घट रही है। ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। स्थिति में और सुधार लाने के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाया गया।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने मॉस्क न पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिना मास्क के बाहर निकलने वालों पर पहली बार एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। दूसरी बार 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों संग बैठक में कहा कि कोविड का वर्तमान स्ट्रेन लगातार रूप बदल रहा है। यह पहली लहर की तुलना में 30 से 50 गुना अधिक संक्रामक है। कुछ केस में देखा गया है कि कोविड टेस्ट में भी इसकी पुष्टि नहीं हो रही है, जबकि सी टी स्कैन में पता लग रहा कि लंग्स कोविड से प्रभावित है। ऐसे में हमें और सतर्कता के साथ काम करने की जरूरत है।
ग्रामीण इलाकों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बुधवार से घर-घर जांच अभियान शुरू किया गया। यह अभियान 9 मई तक चलेगा। इस दौरान गांव के हर व्यक्ति के बारे में जानकारी ली जा रही है, जिन लोगों में कोरोना के लक्षण होंगे अथवा जो दूसरे प्रदेश से लौट कर आए हैं उनकी कोविड जांच की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। हर टीम में 2 सदस्य होंगे। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तो दूसरा अध्यापक अथवा निगरानी समिति का सदस्य होगा। हर टीम को 1000 लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। टीम के सदस्यों को प्रतिदिन 100 मानदेय दिया जाएगा। यह टीम गांव में जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेगी। परिवार में किसी को बुखार होगा तो उसे मेडिकल किट उपलब्ध कराएगी।