हर एक बीमार का रखना होगा डाटा
टीम-9 के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने की घोषणा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ब्लैक फंगस बीमारी को नोटिफाइड यानि अधिसूचित बीमारी घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अधिकारियों को इस मामले में निर्देश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री की ओर से जारी निर्देश के बाद ब्लैक फंगस को नोटिफाइड बीमारी घोषित कर दिया गया है। हालांकि इसकी सरकारी अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 महामारी से उबरे मरीजों को निशाना बना रहे ब्लैक फंगस संक्रमण के हर एक केस को सूचित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित की गई टीम-9 अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से उबरने वाले मरीजों में से कुछ में ब्लैक फंगस के संक्रमण की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इस बीमारी के प्रत्येक मरीज पर डॉक्टरों की टीम द्वारा नजर रखी जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप, प्रदेश सरकार सभी मरीजों के समुचित चिकित्सकीय उपचार की व्यवस्था कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ब्लैक फंगस की दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देशदिए हैं। किसी रोग को अधिसूचित करने का मतलब है कि सरकारी अधिकारियों को उस बीमारी के हर एक मरीज का डाटा रखना होगा। हर एक डॉक्टर और अस्पताल को इस बीमारी के मरीजों की डीटेल सरकार को देनी जरूरी होती है।
अब ब्लैक फंगस रोग के हर एक केस की सूचना डॉक्टर को सीएमओ के पास भेजना जरूरी होगा। सीएमओ इसके आंकड़े एकत्र करेंगे। इस तरह से अधिकारियों को बीमारी के प्रसार की जानकारी एकत्र करने, बीमारी की निगरानी करने और प्रारंभिक चेतावनियां निर्धारित करने में मदद मिलेगी।