युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा बदली हुई रणनीति के साथ उतरेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपेक्षा अनुसार सीटें नहीं मिलने से भाजपा शीर्ष नेतृत्व यूपी में फूंक फूंक कदम बढ़ाने का मन बना लिया है। इसके लिए मंथन का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष जेपी नडडा ने सभी राष्टï्रीय महासचिवों के साथ एक बैठक की है। इस बैठक में यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। बाद में जेपी नडडा ने महासचिवों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व यूपी में प्रदेश नेतृत्व के अलावा हर दो जिलों या आठ विधानसभा में चुनाव तैयारियों की देखरेख के लिए सचिव और महासचिवों को जिम्मेदारी देने का मन बनाया है। यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें है। इसके लिए भाजपा संगठन की ओर से पचास ऑब्जर्बर नियुक्त किए जाएंगे। ये ऑब्जबर्स सीधे राष्टï्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को रिपोर्ट करेंगे। इन रिपोर्टों के अध्ययन के बाद बीएल संतोष इन रिपोर्टों को शीर्ष नेतृत्व को पेश करेंगे। ऑबजर्बर के तौर पर महासचिव, सचिव और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देख रहे पार्टी के पदाधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि हाल ही मेें मंत्रिपरिषद से मुक्त किए गए रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। ये दोनों दिल्ली से पूरे प्रदेश में भेजे जाने वाले ऑब्जर्बर के साथ मॉनिटरिंग करेंगे। दरअसल, भाजपा शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान वहां के नेतृत्व ने शीर्ष नेतृत्व को जो फीडबैक दिया, शीर्ष नेतृत्व ने उसे मान लिया और उसी के आधार पर फैसले होते रहे।