आशित चंद्रमुनी त्यागी
गाजियाबाद। नगर निगम के आयुक्त महेंद्र सिंह तवर ने युग करवट चैनल के साथ बात करते हुए कहा कि काम वही होगा जो गाजियाबाद शहर और नगर निगम के हित में होगा। कोरोना महामारी के दौरान गाजियाबाद प्रशासन नगर निगम स्वास्थ्य विभाग आदि के कर्मचारियों की मेहनत उनके कार्य और सेवा के लिए गाजियाबाद को नंबर वन चुना गया है। इसके लिए नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने सभी पार्षदों नगर निगम प्रशासन स्वास्थ्य विभाग आदि के कर्मचारियों गाजियाबाद के नागरिकों को श्रेय दिया है।
युग करवट से बात करते हुए महेंद्र सिंह तवर ने कहा कि गाजियाबाद विकसित शहर की श्रेणी में शामिल होने के लिए अग्रसर है। यह गेटवे ऑफ यूपी है यहां काम करने की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के रूप में जब हम किसी एक लेवल को पूरा कर लेते हैं तो तत्काल दूसरा स्तर शुरू कर देते हैं। गाजियाबाद निरंतर बढ़ रहा है इसमें नगर निगम का योगदान असीम है।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा जरूरत गाजियाबाद में साफ सफाई और कूड़ा निस्तारण की थी। इसके लिए नगर निगम ने कूड़ा फैक्ट्री बनाई है जिनमें 500 टन कूड़ा प्रतिदिन निस्तारण किया जाता है। हमारी कोशिश है की कूड़ा बीनने वाले लोग सुरक्षित माहौल में कूड़ा फैक्ट्री में काम करें और रोजगार हासिल करें। उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता शहर भर पर खत्ते समाप्त करने की है। नगर आयुक्त ने बताया कि बहुत जल्द ही गाजियाबाद को 50 ई व्हीकल मिल जाएंगे जिनके माध्यम से शहर में मल्टी लोकल ट्रांसपोर्ट की सुविधा शुरू कराई जाएगी। इलेक्ट्रिकल बसों का डिपो बंद कर तैयार है और गाजियाबाद में 4 रूट निर्धारित कर दिए गए हैं जिन पर यह बसें चलाई जाएंगी। इसके साथ ही नगर निगम तुरब नगर पुराना बस अड्डा कचहरी नगर निगम और तहसील पर फ्री वाई-फाई की सुविधा देने जा रहा है। इससे गाजियाबाद के हजारों लोग लाभान्वित होंगे।
नगर आयुक्त ने डिजिटल होल्डिंग को लेकर उठे विवाद पर कहा कि हमें इसे विवाद नहीं मानना चाहिए। पहले नगर निगम को होल्डिंग के ठेके से 2:30 से 3:00 करोड़ की आय होती थी जो अब प्रीमीयर मिलाकर तकरीबन 17 करोड हो गई है। इसी तरह पार्किंग नीति में बदलाव करके भी नगर निगम की आय बढ़ाई जा रही है। पहले पार्किंग से नगर निगम को लगभग 25 लाख रुपए मिलते थे इस बार 14 पार्किंग दी गई है और नगर निगम को 3 करोड़ की आमदनी हुई है। नगर निगम का लक्ष्य पार्किंग से 5 करोड रुपए की आमदनी करना है हो सकता है यह अधिक भी हो जाए। उन्होंने कहा कि अगर 15 साल का ठेका देना नियम विरुद्ध होता तो मैं स्वयं इसे निरस्त कर देता। उन्होंने कहा कि काम वही होगा जो नगर निगम और शहर के हित में होगा इसके लिए चाहे जो करना पड़े। बारिश के कारण शहर में हुए जलभराव पर उन्होंने कहा कि नगर निगम ने अपनी तरफ से कोई कोताही नहीं बरती। लेकिन हम जनता के आरोपों को नकार नहीं सकते।
हमें यह समझना होगा कि इस बार अन्य वर्षो की तुलना में अत्यधिक बारिश हुई है नगर निगम के पास सीमित संसाधन है उसके बावजूद नगर निगम में टीम बनाकर जल निकासी का तत्काल प्रयास किया है। नगर निगम के कर्मचारी बरसात के दौरान भी सड़क पर काम करते रहे। नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स बढ़ाने की बात पर उन्होंने कहा कि सही समय पर सही काम होना सबसे ज्यादा जरूरी है नगर निगम और गाजियाबाद शहर का हित सर्वोपरि है इसके लिए कुछ निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने गाजियाबाद नगर निगम के निवासियों से अपील की है कि वह शहर को अपना माने। यह आपका अपना शहर इसको साफ रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है तो यहां के नागरिकों का कर्तव्य भी है। महेंद्र सिंह तवर ने कहा कि गंदा ना करना भी सफाई करना ही है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपना दायित्व निभा रहे हैं लेकिन इसमें गाजियाबाद के निवासियों से सहयोग की अपेक्षा भी रखते हैं।