युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। निगम बोर्ड की बैठक में युगकरवट में प्रकाशित कई मुद्दे उठे। इनका जवाब नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को देना पड़ा। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा था बिना बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कराए शहर में होर्डिंग का 15 वर्ष के लिए ठेका छोडऩे था। इस प्रकरण को पार्षद हिमांशु मित्तल ने उठाया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव कभी निगम बोर्ड की बैठक में नहीं आया।
फिर कैसे 15 वर्ष के लिए होर्डिंग का ठेका छोड़ दिया गया। उन्होंने सदन को जिस कंपनी को ठेका दिया गया है वह यूपी के दो नगर निगमों को बकाए का भुगतान नहीं कर रही है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इस पर अपना स्पष्टïीकरण दिया। बताया कि उन्होंने क्यों 15 वर्ष के लिए ठेका दिया है। उन्होंने बोर्ड में बिना पास हुए ठेका देने के प्रकरण में कुछ भी नहीं कहा। साथ ही उनका कहना था कि बकाया नहीं देने के मामले की वह जांच कराएंगे।
दस करोड़ रुपये में नाले की सफाई के मामले में भी नगर आयुक्त ने स्पष्टïीकरण दिया। यह मामला पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने उठाया था। त्यागी का कहना था कि पता चला है कि एक नाले की सफाई का कार्य बिना टेंडर के एक बाहरी व्यक्ति को दिया गया है। कार्य करीब दस करोड़ रुपये का है। नगर आयुक्त ने स्पष्टï किया कि बृज विहार नाले की सफाई का बजट 10 करोड़ रखा गया। उनहोंने कटाक्ष किया कि कुछ लोग नहीं चाहते निगम में कोई बहार का व्यक्ति काम करे।