युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। फिक्की के यूपी यूथ चैप्टर के चेयरमैन नीरज सिंह गुरुवार को युगकरवट कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने युग करवट के एडिटर इन चीफ सलामत मियां से मुलाकात की। उन्होंने कार्यालय के समस्त कर्मचारियों से भी परिचय प्राप्त किया।
इस दौरान हुई चर्चा में लखीमपुर खीरी की घटना पर बात करते हुए नीरज सिंह ने कहा कि यह बहुत निंदनीय और विभत्स घटना है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने घटना का स्वयं संज्ञान लिया है जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा इस घटना का दोषी जो भी व्यक्ति हो उसे उसकी सजा मिलनी चाहिए।
वर्तमान की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं कर रहा है। बल्कि आंदोलन को भड़काने का काम विपक्ष की ओर से किया जा रहा है। लखीमपुर जैसी घटना के बाद विपक्ष तो लोगों में विश्वास जगाने का काम करना चाहिए था, लेकिन विपक्ष अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में लगा रहा। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने आंदोलन शुरू कर दिया विपक्ष ने इस को हवा दे दी। जबकि केंद्र सरकार का कृषि बिल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में गेम चेंजर भी साबित हो सकता है। सही बात किसानों तक नहीं पहुंच पाई। किसान इसकी गहराई से पड़ताल करेंगे तो समझ पाएंगे कि यह उनके लिए कितना लाभकारी है। उन्होंने कहा कि भारत में 75 फीसदी आबादी 30 वर्ष से नीचे आयु की है। युवा हमारे देश की दशा और दिशा दोनों तय कर सकता है। युवा समाज के प्रति अपनी भूमिका को समझें अपने परिवार और अपने क्षेत्र के लिए सकारात्मक योगदान देंगे तो यह राष्ट्र निर्माण में सहयोगी होगा।
जनप्रतिनिधि की भूमिका पर बात करते हुए नीरज सिंह ने कहा सबसे पहले तो जिस क्षेत्र का वह प्रतिनिधि है उस क्षेत्र का सारा लेखा-जोखा उसके पास होना चाहिए। जनता से सीधा संवाद होना चाहिए। कई बार जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सामंजस्य में कमी आ जाती है जिससे दोनों के बीच दूरी बन जाती है। इस दूरी को खत्म करके राजनीतिक क्षेत्र में सफलता और लोगों के मन में सम्मान दोनों प्राप्त किया जा सकता है। गाजियाबाद के बारे में उन्होंने कहा कि गाजियाबाद मेरा घर है यहां का प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार का सदस्य है और यदि मैं गाजियाबाद के किसी व्यक्ति कि किसी भी काम आ सका तुम्हें अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद वालों के लिये हमेशा दिल के दरवाजे खुले हुए हैं।