युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद पुलिस अपने मुखिया के द्वारा कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिये शुरू की गई मुहिम का अनुपालन किस स्तर पर कर रही है, जब इसे चेक करने के लिये युग करवट की टीम ने एक दर्जन से अधिक नाकों पर रियलिटी चेक किया तो कप्तान के इस अभियान की पोल खुलती हुई दिखाई दी। जी हां, यहां यह बात इसलिये कही जा रही है क्योंकि रियलिटी चेक के समय जहां पुलिसकर्मी चेकिंग बिन्दूओं से नदारद मिले, वहीं कई चौराहों व तिराहों पर भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी आराम की मुद्रा में मिले।
इस रियलिटी चेक में युग करवट की टीम सुबह ११ बजकर १० मिनट पर जब आरडीसी में स्थित चेकिंग नाके पर पहुंची तो वहां पर कोई भी पुलिस कर्मी नहीं मिला। इसके बाद टीम ११ बजकर १५ मिनट पर फ्लाईओवर के पास चाले नाके पर और ११ बजकर २० मिनट पर मालीवाड़ा वाले नाके पर पहुंची तो वहां भी चेकिंग होती नहीं मिली। इसके उपरांत टीम ने ११ बजकर ३० मिनट से लेकर ११ बजकर ५० मिनट तक सिहानी गेट थाने में स्थित होली चाइल्ड चौराहा, मालीवाड़ा चौक और कालका गढ़ी चौक पर होने वाली चेकिंग का जायजा लिया तो ये नाके भी पुलिस वाले मौजूद नहीं मिले। इसी प्रकार कई और नाकों पर भी चेकिंग व्यवस्था शून्य दिखाई दी। आज किये गये रियलिटी चेक में पुलिस की कार्यशैली को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि अपराध रोकने के लिये कप्तान चाहे कैसी भी मुहिम छेड़ दें, वो परवान नहीं चढऩे वाली। जी हां, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि गाजियाबाद पुलिस के लिये उसके मुखिया के निर्देश केवल खानापूर्ति वाले हैं। वह तो सदा उसी ढर्रे पर चलती है, जिसपर उसे चलना होता है।