युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। राष्टï्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और यूपी के संगठन मंत्री सुनील बंसल के बीच यूपी को लेकर हुई मंत्रणा के बाद अब प्रदेश सरकार और संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल होने जा रहा है। पंचायत चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन को लेकर पार्टी और संघ का शीर्ष नेतृत्व बेहद चिंतित है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश की योगी सरकार और संगठन में अगले सप्ताह भारी फेरबदल होने जा रहा है। इसमें सरकार के कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। साथ ही दूसरे विधायकों को सरकार में लाया जाएगा। बताया जाता है कि संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को फिर से संगठन की कमान सौंपने को कहा है। हालांकि इस पर अभीतक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
रविवार को हुई बैठक में कोरोना की पृष्ठभूमि में 2022 में उत्तर प्रदेश में होने चुनाव को लेकर चर्चा की गई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में यूपी में पंचायत चुनाव में पार्टी को अपेक्षा अनुरूप सफलता नहीं मिलने पर चिंता जाहिर की गई। बैठक में संघ के नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर स्वतंत्रदेव के स्थान पर फिर से केशव प्रसाद मौर्य को लाने की बात रखी। केशव प्रसाद मौर्य के अध्यक्ष रहते भाजपा ने प्रदेश में विधानसभा में और लोकसभा की 70 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, एमएलसी अरविंद शर्मा को प्रदेश कैबिनेट में अहम पद देना का भी फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार, उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाकर गृह विभाग सौंपा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि युग करवट के लोकप्रिय कालम ‘तीसरी आंखÓ में काफी पहले इस आशय के संकेत दिए गए थे। संगठन से कई पदाधिकारी बदले जा सकते हैं। इनमें पश्चिम क्षेत्र में पार्टी नेतृत्व की ज्यादा नजर है। सूत्रों के अनुसार, योगी मंत्रीमंडल के करीब छह मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। इनमें स्वास्थ्य विभाग के मंत्री भी शामिल है। इसके अलावा ऐसे मंत्री जो हमेशा से विवादों में रहे हैं, उनकी भी छुट्टी हो सकती है। इनमें बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी भी शामिल है। मंत्रीमंडल और संगठन में फेरबदल अगले सप्ताह यानि जून के पहले सप्ताह में हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि दो उपमुख्यमंत्री रहेंगे लेकिन एक को बदला जा सकता है। वहीं, योगी मंत्रिमंडल का यह आखिरी फेरबदल होगा।