शोभा भारती
गाजियाबाद (युग करवट)। जैसे-जैसे शिवरात्रि का समय निकट आता जा रहा है, वैसे-वैसे ही शिवभक्तों का हुजूम मेरठ रोड पर दिखाई देना लगा है। बड़ी संख्या में मथुरा, पलवल, राजस्थान के कांवडिय़ों का आना शुरू हो गया है। लेकिन, इस बार कांवडिय़ां पुलिस और प्रशासन की आधी-अधूरी तैयारियों से आक्रोषित हैं। भारी ट्रैफिक के साथ कांवडिय़ों को यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि, शिवभक्ति में मस्त कांवडिय़ां इस मार्ग से होकर ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
पुलिस द्वारा आज रात नौ बजे से मेरठ रोड को वन-वे कर दिया जाएगा, लेकिन सुबह से ही इस रोड पर कांवडिय़ों का रेला गुजर रहा है। रोड किनारे लगे शिविरों में कांवडिय़ां आराम करने के कुछ देर ठहर कर गंतव्य की ओर निकल रहे हैं। रास्ते भर में पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के न होने से कांवडिय़ा खुद ही वाहनों से बचते-बचाते निकल रहे हैं। बता दें कि इस रूट पर बड़े वाहनों की आवाजाही तो बंद कर दी गई है, लेकिन कार और दुपहिया वाहन तेज गति से निकल रहे हैं। इतना ही नहीं ट्रैक्टर टॉली भी इस रूट पर गुजरती देखी जा सकती हैं। राजस्थान के कांवडिय़ां ने बताया कि सिर्फ मुख्य चौराहों पर ही पुलिस के एक दो जवान नजर आ रहे हैं, उनके अलावा पूरे रास्ते में कहीं भी कोई पुलिस या ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है। बीच-बीच में कट से बड़ी तेजी से वाहन निकल रहे हैं, जिससे उन्हें यात्रा करने में दिक्कतें आ रही हैं। मथुरा के कांवडिय़ों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यात्रा शुरू होने के बाद अभी तक भी ट्रैफिक नहीं रोका गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जगह-जगह शिविर तो लगे हैं, लेकिन रास्तों पर कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है। कहीं सडक़ों में गड्डे हैं तो कहीं जगह-जगह कंकर-पत्थर बिखेरे हुए हैं। हालांकि, इन अव्यवस्थाओं के बीच भी कांवडिय़ों का कहना है कि वे शिवभक्त हैं इसीलिए आसानी से इन समस्याओं से पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। ट्रैफिक को लेकर यह आक्रोष एक दो शिवभक्तों का नहीं है, बल्कि अधिकतर कांवडिय़ां इससे नाराज दिखाई दे रहे हैं।
यहां तक की सडक़ किनारे शिविर लगाने वाले लोगों को भी ट्रैफिक के आवागमन से दिक्कतें हो रही हैं। राजनगर एक्सटेंशन से मेरठ तिराहा तक सडक़ पर पूरी गति से ट्रेफिक दौड़ रहा है। ऐसे में अगर समय रहते ट्रैफिक को नहीं रोका गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

राजस्थान के कांवडिय़ें पहुंचे गाजियाबाद
दो साल बाद शुरू हुई कावंड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है। राजस्थान से अपने देवर और अन्य परिजनों के साथ कांवड़ ला रही महिला कांवडिय़ां मंजू ने बताया कि वह चार बार कांवड़ ला चुकी है। दो साल कांवड़ यात्रा बंद रहने से उन्हें काफी दुख हुआ था। जैसे ही कांवड़ यात्रा शुरू हुई, वह अपने परिजनों और दल के साथ कांवड़ लेने निकल पड़ीं। राजस्थान का कांवडिय़ों का यह ग्रुप करीब १० से १५ लोगों का है, जो हर साल कांवड़ लाता है। कांवडिय़ों का कहना है कि उन्हें रास्ते में कोई समस्या नजर नहीं आती, उनकी हर समस्या शिव हर लेते हैं।

परिवार के साथ २२ साल से ला रहे कांवड़
लगातार २२ कांवड़ ला चुके मथुरा निवासी की पत्नी कांवडिय़ा सरस्वती ने बताया कि पिछले पांच छह साल से वह भी अपने पति के साथ कांवड़ लेकर आ रही हैं। अब तो उनके साथ उनका बेटा भी कांवड़ ला रहा है। पूरा परिवार बेसब्री से इस दिन का इंतजार कर रहा था कि कब फिर से कावंड़ यात्रा शुरू हो और वे हरिद्वार जाएं। कांवडिय़ों ने बताया कि बस आस्था और शिवभक्ति के चलते कांवड़ लेकर आ रहे हैं। मथुरा से ही कांवडिय़ों के एक अन्य दल के सदस्य बताते हैं कि उन्हें ठीक से याद नहीं है कि कितने साल उन्हें कांवड़ लाते हो गए। बिना मांगे ही शिव उनकी हर इच्छा पूरी कर देते हैं, इसीलिए वह हर साल यात्रा पर निकल पड़ते हैं। मथुरा से ही कांवडिय़ों एक २५ से ३० लोगों का ग्रुप भी मेरठ रोड पर बने शिविर में आराम करता दिखा। इस ग्रुप में छोटे से लेकर बुजुर्ग कांवडिय़ां शामिल हैं, जो सालों से कांवड़ ला रहे हैं।