युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में गैस्ट्रो एवं लिवर डिपार्टमेंट द्वारा नि:शुल्क परामर्श शिविर लगाया गया। इस शिविर में विशेष जांच के पैकेज भी उपलब्ध कराए गए, जिसका 50 से ज्यादा मरीजों ने लाभ लिया। इस दौरान हॉस्पिटल के वरिष्ठ लिवर एवं पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. कुणाल दास एवं डॉ. हरित कोठारी मरीजों को परामर्श दिया। इस मौके पर हेपिटाइटिस की बीमारी से बचाव एवं उपचार विषय पर एक जागरूकता व्याख्यान का भी किया गया। डॉ. कुणाल दास ने बताया कि शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है, जिसका वजन लगभग 1.5 किलो होता है। इसे शरीर की प्रयोगशाला और कारखाने के रूप में जाना जाता है।
डॉ. कुणाल दास ने कहा कि डब्ल्यूएचओ का मानना है कि भारत 2025 तक दुनिया की मधुमेह राजधानी बन जाएगा। इन बीमारियों का निदान करने का सबसे अच्छा तरीका एक डॉक्टर से परामर्श है। वहीं, फाइब्रोस्कैन आगे के परीक्षण रोग की अवस्था और गंभीरता का निदान करने में मदद करता है। पुरानी बीमारियों के उपचार में मौखिक गोलियां (हेपेटाइटिस बी और सी, एनएएसएच), एनएएसएच की अंतर्निहित स्थितियों जैसे मधुमेह, हाइपोथायरायड और हाइपरलिपिडिमिया का उपचार, रक्तस्त्राव की घटनाओं को कम करने के लिए दवाएं जैसे कार्वेडियोल शामिल हैं। यदि रोगी रक्त उल्टी को दस्त-उल्टी जैसी परेशानी है तो यूजीआई एंडोस्कोपी का उपयोग किया जाता है।