गाजियाबाद। लगातार बारिश होने से कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात हैं। इसका असर हथिनी कुंड बैराज में भी देखने को मिल रहा है, जहां जलस्तर बढऩे पर लगातार यमुना नदी में लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने से यमुना नदी में भी जलस्तर पुरानी दिल्ली में खतरे के निशान तक पहुंच गया है। यमुना बैराज में बढ़ते जलस्तर को लेकर रेलवे अधिकारी भी गहनता से नजर रखे हुए हैं। रेलवे ने इस संबंध में अलर्ट जारी किया है ताकि यमुना बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचे तो ट्रेनों को समय रहते डायवर्ट किया जा सके।
बता दें कि यमुना बैराज से गाजियाबाद से पुरानी दिल्ली के लिए कई ईएमयू, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें होकर गुजरती हैं। जिनमें हजारों की संख्या में दैनिक यात्री सफर करते हैं। इन दिनों बरसात का मौसम है और हरियाणा, गुजरात सहित कई राज्यों के जिलों में भारी बारिश से बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश से हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर बढऩे से वहां से लगातार पिछले दो दिन से लाखों क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है जिसकी वजह से यमुना नदी के निचले स्तर में जहां अलर्ट जारी किया गया है, वहीं यमुना नदी बैराज पर खतरे के निशान तक पहुंच गई है। हालांकि, स्थिति अभी कंट्रोल में है लेकिन जिस तरह से लाखों क्यूसेक पानी रोज हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है, उससे संभावना है कि कभी भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच सकता है जिसका प्रभाव रेल यातायात पर भी पड़ेगा। रेलवे अधिकारियों की मानें तो यमुना नदी के जलस्तर को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। हर दो घंटे बाद जलस्तर की स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
फिलहाल स्थिति सामान्य है लेकिन अगर पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा तो तत्काल प्रभाव से ट्रेनों को पुरानी दिल्ली पुल से डायवर्ट कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उनके लिए ट्रेन और उसके यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता पर है। ऐसे में पूरे एहतियात बरते जा रहे हैं। बैराज अधिकारियों से लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।