कल है लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान
नई दिल्ली (युग करवट) लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही उनके तीन मंत्रियों की भी परीक्षा है। तीनों को प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। गोरखपुर और गाजीपुर सीटों पर भी निगाहें सातवें चरण का रण बेहद खास है। इस चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उनके तीन मंत्रियों का इम्तिहान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां खुद काशी से चुनाव मैदान में हैं, वहीं उनकी कैबिनेट के सहयोगी डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय चंदौली से, तो अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से भाग्य आजमा रही हैं। राज्यमंत्री पंकज चौधरी महराजगंज से चुनाव मैदान में हैं। जानकारों का मानना है कि वाराणसी में तो चुनाव मार्जिन को लेकर हो रहा है, जबकि तीनों मंत्रियों के सामने कठिन चुनौती है। गोरखपुर से अभिनेता रवि किशन दूसरी बार मैदान में हैं। मुख्यमंत्री का जिला होने के कारण इस सीट पर भी लोगों की निगाहें हैं। इस चरण में चर्चित सीट गाजीपुर में भी मतदान होगा। गाजीपुर को माफिया मुख्तार अंसारी का गढ़ माना जाता है। यहां से मुख्तार के बड़े भाई और मौजूदा सांसद अफजाल अंसारी सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के सहयोगी पिछड़े चेहरे अपना दल (एस) की मुखिया अनुप्रिया पटेल, सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद की साख भी कसौटी पर है।
सबसे बड़ी चुनौती ओमप्रकाश राजभर के सामने है। पूर्वी यूपी में जातियों का चक्रव्यूह ऐसा है कि कोई भी पार्टी चाहकर भी अपने कोर वोटरों को नहीं सहेज सकती। दिक्कत यह है कि किसी भी पार्टी का कोर वोटर तभी तक उसका भक्त रहता है, जब तक उनकी जाति का कैंडिडेट उसकी पार्टी से है। अगर पार्टी का कैंडिडेट किसी और जाति से और मुकाबले में किसी दल से अपनी जाति का कैंडिडेट है तो कोर वोटर का भी मन बदल जाता है।