डमी बच्ची गिरने से बची, बिना पीपीई किट के शामिल हुआ स्टाफ
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निबटने के लिए जिले के सरकारी अस्पताल कितने सक्षम हैं, इसकी पोल मॉकड्रिल में ही खुलकर सामने आ गई। मॉकड्रिल के दौरान संयुक्त जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। यहां तक कि डमी बच्ची भी स्टाफ की अफरा-तफरी के चलते गिरने से बची। तो वहीं सबसे महत्वपूर्ण बात है कि कोरोना संक्रमण के पहले बेसिक नियम को ही अस्पताल का स्टाफ भूल गया। मॉकड्रिल में अस्पताल का पूरा स्टाफ बिना पीपीई किट और ग्लव्स के नजर आया। मॉकड्रिल करने आए अधिकारियों ने भी इस बात को गंभीरता से लिया।
बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए पीकू वार्ड बनाए गए हैं ताकि बच्चों को समय रहते सही इलाज मिल सके। अस्पतालों की तैयारियों को देखने के लिए शासन के निर्देश पर आज संयुक्त जिला अस्पताल में मॉकड्रिल की गई। मॉकड्रिल में मेरठ मंडल के एडिशनल डायरेक्टर डॉ.राजकुमार और सर्विलांस अधिकारी डॉ.अशोक तालियान शामिल हुए। मॉकड्रिल बच्चों की डमी से करनी थी लेकिन अस्पताल में इलाज कराने आए बच्चों को ही इसमें शामिल कर दिया गया।
एंट्रेस गेट पर एंबुलेंस से बच्चों को रिसेप्शन एरिया में लाया गया जहां बच्चे के रजिस्ट्रेशन से लेकर प्राथमिकता पर ऑक्सीजन देकर उसे वार्ड में भेजा गया। हालांकि, रजिस्ट्रेशन से लेकर वार्ड तक भर्ती करने में पूरा स्टाफ अफरा-तफरी में दिखाई दिया। बच्चे को स्ट्रेचर पर वार्ड तक लेकर जाया जा रहा था, तभी स्टाफ की लापरवाही से डमी बच्ची गिरते-गिरते बची। जैसे-तैसे बच्ची को वार्ड में पहुंचाया गया लेकिन भारी भीड़ देखकर बच्ची वार्ड में पहुंचते ही रोने लगी और उसने आगे शामिल होने से इंकार कर दिया।
इसके बाद दूसरे बच्चे को वार्ड में लाया गया लेकिन यहां भी स्टाफ इलाज से लेकर ऑक्सीजन तक देेने में हड़बड़ाहट में दिखाई दिया। खैर जैसे-तैसे दस मिनट तक मॉकड्रिल चलती रही। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में एक भी स्टाफ पीपीई किट पहने नजर नहीं आया।
हालांकि, कुछ समय डॉक्टर्स को इस बात का अहसास हुआ तो एक नर्स को पीपीई किट पहनाकर वार्ड में भेजा गया। महज एक बच्चे पर ही मॉकड्रिल कर खानापूर्ति की गई। एडिशनल डायरेक्टर डॉ.राजकुमार ने कहा कि यह पहली मॉकड्रिल है जिसमें कुछ खामियां पाई गई हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि ऑक्सीजन से लेकर अन्य उपकरण चालू स्थिति में हैं और स्टाफ को उसकी जानकारी भी है लेकिन अभिभावक किसी वार्ड में पहुंचें, इसके लिए कहीं भी साइन बोर्ड नहीं लगे हैं, जो लगवाए जाएंगे और स्टाफ को भी इस दौरान संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
एडिशनल डायरेक्टर ने कहा कि जल्द ही शासन के निर्देश पर दोबारा मॉकड्रिल होगी ताकि जो खामियां पाई गई हैं, वह दूर हुईं या नहीं, इसकी जानकारी हो सके। इस मॉकड्रिल की तैयारी कई दिनों से अस्पताल का स्टाफ कर रहा था और अगर उसमें ऐसे हालात हैं तो अगर बीमार बच्चे पहुंचना शुरू हो गए तो हालात क्या होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। मॉकड्रिल के दौरान सीएमओ डॉ.भवतोष शंखधर, सीएमएस डॉ.संजय तेवतिया, डॉ.सूर्यांशु ओझा व वरिष्ठ फार्मासिस्ट आरडी यादव आदि स्टाफ मौजूद रहा।