कारोबारी ने एसएसपी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। समाजसेवी एवं कई सामाजिक संगठनों से जुड़े कुनाल चावला ने एसएसपी को लिखे पत्र में उनके यहां गोदाम में मारे गए छापे की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पास गोदाम में जो शराब मिली है उसमें एक-एक बोतल का हिसाब है और उनके पास गोदाम के साथ-साथ शराब कारोबार का लाइसेंस भी है। ये कार्रवाई उनकी छवि खराब करने के लिए की गई है। इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कुनाल चावला ने बताया कि छापे के पीछे केवल और केवल उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। उन्होंने ये भी बताया कि एक-एक चीज का हिसाब उनके पास है। इतना ही नहीं जो गोदाम है उसकी भी अनुमति है।
हाल ही में आबकारी विभाग द्वारा विदेशी शराब के एक गोदाम पर छापेमारी कर चार करोड़ रुपए कीमत की विदेशी शराब बरामद करने की कार्रवाई की गई थी। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को अब कंपनी के डायरेक्टर ने सवाल उठाते हुए एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी है। मैसर्स मेहर ग्लोबल स्प्रिट प्राइवेट लिमिटेड गांधीनगर के डायरेक्टर कुनाल चावला ने एसएसपी को लिखित में शिकायत देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कंपनी के डायरेक्टर कुनाल चावला ने एसएसपी को लिखे अपने शिकायती पत्र में कहा है कि उनकी फर्म विदेशी मदिरा के क्रय-विक्रय का काम करती है। फर्म ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से आयात व निर्यात कोड का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया हुआ है। इसी कोड के तहत कंपनी विदेशी शराब के क्रय-विक्रय का काम करती है। फर्म द्वारा कस्टम विभाग द्वारा अधिकृत कस्टम ब्रांड वेयर हाउस मैसर्स के सी लीक्कर एंड स्प्रीट स्थित खसरा नंबर १२१०,१२११ मेरठ रोड गाजियाबाद के गोदाम पर रखी जाती है।
कुनाल चावला ने बताया कि इस गोदाम को कस्टम विभाग द्वारा बोन्डिड बेयर हाउस के रूप में अधिकृत किया हुआ है। साथ ही के सी लीक्कर एंड स्प्रीट को भी मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयात निर्यात कोड जारी किया जाता है। इसके तहत वह अपने वेयर हाउस में विदेशी मदिरा रख सकते हैं। गोदाम में थोक में कस्टम विभाग की अनुमति से होल सेलर को मदिरा की बिक्री की जाती है जो कस्टम की देखरेख में होती है। इसके लिए अलग से उत्तर प्रदेश सरकार आबकारी विभाग से किसी भी प्रकार के लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं है। केवल आयात-निर्यात कोड होना अनिवार्य है जो फर्म के पास उपलब्ध है। वेयर हाउस पर भी लाइसेंस हैं। फर्म के डायरेक्टर कुनाल चावला ने आरोप लगाया कि २९ दिसंबर को आबकारी विभाग की टीम ने अनैतिक रूप से एक बजे मेरठ रोड स्थित बोन्डिड वेयर हाउस पर छापा मारा। वेयर हाउस में रखे माल के प्रापत्र दिखाए व फर्म द्वारा क्रय किया गया। माल जो दो ट्रकों द्वारा चंडीगढ से मंगाया गया था, के संबंध में भी सभी माल के बिल फार्म-३८ उपलब्ध कराए गए व बताया भी गया कि बॉन्डिड वेयर हाउस में रखा माल कस्टम विभाग की अनुमति व निगरानी में रखा हुआ है। इसका आबकारी विभाग से कोई लेना-देना नहीं है।
कुनाल चावला ने आरोप लगाया है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा रुपयों की मांग की गई जिसे ना देनेे पर विभाग द्वारा पूर्व में रखी शराब जो बिलों के माध्यम से मंगाई गई थी व दो ट्रकों में आई शराब को गलत तरीके से झूठी बरामदगी दिखाकर झूठा मुकदमा विभिन्न धाराओं में थाना मधुबन-बापूधाम में दर्ज कराया गया। इसके बाद आबकारी विभाग द्वारा प्रेस रिलीज जारी की गई जिसमें घटना प्रथम सूचना रिपोर्ट का समय २१.३० की दिनांक २९ दिसंबर २०२१ दर्शाया गया। कुनाल चावला ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर कंपनी को बदनाम करने की नीयत से ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कुनाल चावला ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।