गाजियाबाद (युग करवट)। ग्राम निधि के करोडों के बजट में हेरफेर करने को लेकर लोनी के मेवला भट्टी गांव के प्रधान कुसुम के खिलाफ तीन सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद वित्तीय और शासकीय अधिकार सीज कर दिए गए हैं। एक साल से इस मामले में जांच चल रही है जिसमें पूर्व में भी एक सचिव को निलम्बित किया गया था। ग्राम निधि के करोड़ों के बजट में हेरफेर करने के मामले में मेवला भट्टी के ग्राम प्रधान के खिलाफ पिछले एक वर्ष से जांच चल रही थी। तीन सदस्यीय टीम जिसमें जिला विकास अधिकारीए लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और आईडी के सहायक अभियंता शामिल थे उन्होंने जांच पूरी करके रिपोर्ट दे दीए जिसके बाद कार्रवाई की गई है। मेवला भट्टी गांव के दो निवासियों देवेंद्र और सुमित कुमार ने ग्राम निधि के फंड में हेराफेरी करने और टेंडर का लाभ भी एक ही परिवार के व्यक्ति को देने की शिकायत की थी जिसके आधार पर जांच कराई गई थी। उनका यह भी आरोप था कि विधानसभा निर्वाचन 2022 के लिए आचार संहिता लगने के बाद भी टेंडर जारी किए गए और फर्मों को भुगतान किया गया है।