मेरे गुरू तो मेरे माता पिता ही हैं। उन्हीं की दी गई शिक्षा को आत्मसात करके यहां तक पहुँची हूँ। मेरी माता अनुराधा कुमार भागवत गीता विशेषज्ञ रहीं हैं। उन्होने मुझे आत्मविश्वासी बनाया और दूसरों की सेवा करना सिखाया। मेरी माता खुद सामाजिक कार्यकर्ता रहीं हैं। जहां तक मेरे दूसरे गुरू मेरे पिता ग्यनेश कुमार की बात है तो वह केरल कैडर के आईएएस थे। अपने जमाने के नेशनल तैराक और बैडमिंटन के राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं। उन्होने आईआईटी कानपुर से पढाई की थी। मैने जो कुछ सीखा है अपने माता-पिता से ही सीखा है।
मेधा रूपम,
जिलाधिकारी हापुड