युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद से सटे दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उसे येलो श्रेणी में रखा गया है जिसके चलते दिल्ली सरकार ने पाबंदियों को बढ़ा दिया है। आज से मेट्रो का संचालन भी पचास फीसदी यात्री क्षमता के साथ शुरू हुआ। आज से लागू हुए इस नियम के चलते सुबह सवेरे मेट्रो स्टेशनों के बाहर यात्रियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। नया बस अड्डा मेट्रो स्टेशन से ही बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के लिए सफर शुरू करते हैं। लेकिन आज सुबह जब यात्री स्टेशन पहुंचे तो उन्हें टिकट की लंबी लाइनों में लगना पड़ा। मेट्रो में सवार होने के लिए यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। भीड़ का आलम यह था कि लाइन दो सौ मीटर से अधिक पहुंच गई। लोग लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कोई आधा तो कोई एक घंटे तक लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता दिखा।
बता दें कि दिल्ली में लगातार कोरोना संक्रमण और ओमिक्रॉन के मामले बढ़ रहे हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली में पाबंदियों को बढ़ाना शुरू कर दिया है जिसमें नाइट कफ्र्यू से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर भी लोगों की उपस्थिति को कम कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने आज से मेट्रो मेें ५० फीसदी यात्री क्षमता के साथ संचालन करने का ऐलान किया था। इस ऐलान का असर आज पहले दिन शहर के मेट्रो स्टेशनों पर देखने को मिला। सुबह-सुबह अपने कार्यालयों को जाने वाले लोगों को मेट्रो स्टेशन पर लंबी लाइनों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि स्टेशन के अंदर भी मेट्रो की क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा था जिसके कारण स्टेशन के बाहर यात्रियों की लंबी लाइनें लग गईं। शहर में नया बस अड्डा, वैशाली, कौशांबी, शहीद नगर, राजेंद्र नगर सहित करीब १२ मेट्रो स्टेशन हैं जहां सुबह के समय यात्रियों की लंबी लाइनें देखी गईं।
शहर में सबसे अधिक यात्री संख्या नया बस अड्डा, वैशाली और कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर रहती है जहां यात्रियों की लंबी-लंबी लाइनें सुबह से ही लग गईं। यात्रियों को स्टेशन के अंदर भी बिना मास्क और सेनेटाइजर के प्रवेश नहीं दिया गया। इस व्यवस्था से पहले दिन यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए लेटलतीफी का सामना करना पड़ा।