युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पंचायत चुनाव में अपेक्षाकृत नतीजे नहीं आने के बाद प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन और संगठन में बदलाव की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार दोपहर दिल्ली पहुंचे। वे दो दिन यानि शुक्रवार तक दिल्ली में रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात का कार्यक्रम है। दो दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्टï्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे के बाद से ही सरकार और संगठन में फेरबदल की संभावनाएं तेज हो गई है। दरअसल, प्रदेश मंत्रीमंडल में अभी छह स्थान रिक्त है। कोविड-19 में तीन मंत्रियों की मौत हो गई है। जबकि पांच विधायकों की भी कोरोना से मौत हो चुकी है। योगी मंत्रीमंडल में साठ सदस्य हो सकते हैं जबकि इस समय मंत्रियों की कुल संख्या 54 है। ऐसे में जल्द ही छह मंत्रीपद की शपथ दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री आज सरकारी प्लेन से हिंडन पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से दिल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री को शनिवार और रविवार को दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात निश्चित थी लेकिन कोरोना की स्थिति और कई जिलों में लॉकडाउन लागू होने के कारण उन्होंने अपने दौरे को गुरुवार तक के लिए पोस्टपोन कर दिया था।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का कार्यक्रम है। अचानक उनके दिल्ली दौरे को लेकर लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। शुक्रवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होनी है।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से कई मुद्दों पर उनकी बातचीत होगी। इनमें पंचायत चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन, आगामी विधानसभा चुनाव और वैक्सीनेशन आदि मुद्दे प्रमुख हैं। यूपी में वर्तमान में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर भी चर्चा हो सकती है। इस बातचीत में सरकार में खाली मंत्री पदों को भरने पर भी चर्चा होगी।
पिछले कुछ दिनों से लखनऊ के सत्ता के गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन और सरकार में बदलाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है। इन चर्चाओं के केंद्र में योगी आदित्यनाथ है। पिछले दिनों केंद्रीय टीम के लखनऊ दौरे, यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह की राÓयपाल और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात को बदलाव के नजरिए से देखा जा रहा था। हालांकि पार्टी नेतृत्व की तरफ से इन मुलाकातों को औपचारिकता ही बताया गया। 2022 विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही मुख्यमंत्री के इस दौरे को काफी महत्चपूर्ण माना जा रहा है।