सुरेश चौधरी
नोएडा (युग करवट)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 22 सितंबर को गौतमबुद्धनगर में 2 दिन के प्रवास पर आ रहे हैं। वह दादरी स्थित सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके अलावा वह कटैहरा रोड पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सद्भावना मंडप और मिहिरभोज डिग्री कॉलेज में प्रयोगशाला का भी शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री के गौतमबुद्धनगर के कार्यक्रम को लेकर कई राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गुर्जरों की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध दादरी में कार्यक्रम कर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाहुल्य वोटरों गुर्जर, ठाकुर व ब्राह्मण का गठजोड़ बनाना चाह रहे हैं। ताकि आगामी विधानसभा में वह इस क्षेत्र में भारी बहुमत से अपने प्रत्याशियों को जीता पाए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के गौतमबुद्धनगर के इस दौरे के बाद यहां के सांसद डॉ. महेश शर्मा व दादरी के विधायक तेजपाल नागर की राजनीतिक हैसियत एकदम से बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री एक तीर से कई निशाना साध रहे हैं। गुर्जर बाहुल क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वह गुर्जर वोटरों को लुभाने के लिए सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके साथ ही गुर्जर ब्राह्मण और ठाकुर समीकरण को भी वह साधने का प्रयास करेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठाकुर, गुर्जर व ब्राह्मïणों की संख्या ज्यादा है। भाजपा इस बात को ध्यान में रखकर आगे चल रही है, कि इस क्षेत्र के पूर्व में हारे हुए 22 विधानसभा सीटों पर वे अपनी जीत दर्ज दर्ज करे। इसी बात को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गुर्जरों की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध दादरी में कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम से भाजपा के कद्दावर नेता डॉ. महेश शर्मा का भी कद बढ़ जाएगा। क्योंकि दादरी विधायक तेजपाल नागर उनके राजनीतिक शिष्य माने जाते हैं। उन्होंने ही तेजपाल नागर को बसपा से लाकर भाजपा के टिकट पर दादरी से चुनाव लड़वाया था। गौतमबुद्धनगर की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। डॉक्टर महेश शर्मा ने जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह को भी कांग्रेस से लाकर भाजपा से टिकट दिलवाया था तथा उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता, लेकिन डॉ. महेश तथा जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के बीच राजनीतिक दूरियां बढ़ती गई। आलम यह है कि दोनों नेता एक दूसरे के साथ मंच साझा करना भी अब पसंद नहीं करते। नोएडा के विधायक पंकज सिंह किसी गुटबाजी में नहीं है। वह सभी नेताओं के साथ अपना सामान्य व्यवहार रखते हैं।
भाजपा के कुछ नेता दादरी के विधायक तेजपाल नागर का टिकट कटवाने में जुटे थे। मुख्यमंत्री का तेजपाल नागर ने दादरी में कार्यक्रम लेकर उन आलोचकों को जवाब दिया है, जो सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से यह प्रचार कर रहे थे कि तेजपाल नागर का टिकट कटना लगभग तय है। बताया जाता है कि एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मुख्यमंत्री द्वारा सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के कार्यक्रम का विरोध करवाया जा रहा है। भाजपा से जुड़े कुछ लोग इस बात को हवा दे रहे हैं, कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर बिरादरी से नहीं, ठाकुर बिरादरी से संबंध रखते थे तथा उनके प्रतिमा पर गुर्जर सम्राट मिहिर भोज लिखना गलत है।
वहीं भाजपा विधायक तेजपाल नागर इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं वह रात दिन लोगों से जन संपर्क कर इस कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि वह मुख्यमंत्री के सामने यह साबित कर सके कि वह एक लोकप्रिय नेता है।