लखनऊ। किसान नेता राकेश टिकैत ने कि हमारा समझौता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी और पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पर हुआ है न कि किसानों को मिले मुआवजे पर। यदि कोई मंत्री यह समझ रहा है कि समझौता मुआवजे पर हुआ है तो वह अपनी जुबान को लगाम देकर इस तरह की बयानबाजी कदापि न करें। अपना अकाउंट नंबर दे दें, जो पैसा किसानों को दिया गया उतना पैसा ट्रांसफर करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को दस दिनों का समय दिया गया। इन दस दिनों में केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी और उनके बेटे की गिरफ्तारी होनी चाहिए। नहीं तो दस दिन बाद पूरे देश के किसान लखीमपुर खीरी में महापंचायत करेंगे और पूरे देश में आंदोलन चलाया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन स्थगित नहीं हुआ है। जब तक तीनों बिल और एमएसपी की गारंटी नहीं ली जाती तब तक निरंतर जारी रहेगा।