आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस बार भारतीय जनता पार्टी ४०३ सीटों की पूरी कुंडली तैयार कर रही है। दो माह पहले शुरु हुए अभियान के तहत पूरे प्रदेश की एक-एक सीट के बारे में भाजपा हाईकमान रिपोर्ट इकट्ठा कर रही है। अमूमन देखने में आया है कि मुख्य सीटों को लेकर ही राजनीतिक दल मंथन करते हैं लेकिन भाजपा की रणनीति इस बार बिल्कुल अलग है। वो कोई भी काम हवा में करने के मूड में नहीं है। यही कारण है कि भाजपा हाईकमान की टीम बूथ स्तर तक नजर रखे हुए है। इसके अलावा कई माह पहले शुरु किये गये सर्वे और इसके बाद मिलने वाली रिपोर्ट को लेकर मंथन भी शुरु हो गया है। सूत्र बताते हैं कि इस माह के अंत तक सारी सीटों की रिपोट्र्स तैयार करके हाईकमान के पास पहुंच जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ सूत्र बताते हैं कि इस बार पार्टी ने अपनी पार्टी के मौजूदा विधायक, दूसरी पार्टी के पुराने विधायक एवं अब कौन उम्मीदवार किस पार्टी से आ रहा है, किस जाति से आ रहा है, क्या वो पहले चुनाव लड़ चुका है, यदि वो लड़ चुका है तो उसको कितने वोट आए थे, ये तमाम रिपोट्र्स मांगी जा रही हैं। सूत्रों ने बताया कि भाजपा हाईकमान अपने उम्मीदवारों से ज्यादा दूसरे दलों के संभावित उम्मीदवारों के बारे में ज्यादा रिपोर्ट मांग रहा है। सूत्रों ने ये भी बताया कि उत्तर प्रदेश में भी गुजरात मॉडल की तरह टिकटों का वितरण होना है। यदि एक जाति का उम्मीदवार मजबूत है और उसी जाति का उम्मीदवार दूसरी विधानसभा से भी टिकट ले रहा है तो उसको भी देने में कोई परेशानी नहीं होगी। सूत्रों ने बताया कि भाजपा हाईकमान ने जो सर्वे कराया है, उसमें उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड सही नहीं है इसलिए नये युवा चेहरों की तलाश शुरु हो गई है। इस बार भाजपा के टिकट पर कई नए युवा चेहरे अपनी किस्मत आजमाएंगे। बहरहाल, भाजपा के अलावा सभी अभी आपसी गुटबाजी में फंसे हुए हैं। अब्बाजान, चचाजान, भाईजान की राजनीति के बीच भाजपा ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। एआईएमआईएम के चीफ असदउद्दीन ओवैसी मैदान में आ ही चुके हैं। वो आज तक आंध्रप्रदेश में तो कोई गुल खिला नहीं पाए लेकिन बिहार में उन्होंने सैकुलर पार्टियों को हराने में पूरी भूमिका निभाई और अब उत्तर प्रदेश में वो आ चुके हैं। जाहिर है उनका मिशन क्या है, ये सभी को पता है।
– जय हिंद।