नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में करीब २२ महीने बाद पूर्णकालिक जीडीए उपाध्यक्ष के रूप में वर्ष २०१६ बैच के आईएएस अधिकारी अतुल वत्स को शासन ने तैनाती दी है। १६ मार्च २०२४ को अपने पदभार ग्रहण करने के उपरांत अतुल वत्स ने तेजी से विकसित हो रहे शहर को और विकासशील बनाने के क्रम में तेजी लानी शुरू कर दी है। युग करवट से हुई बातचीत के दौरान आईएएस अधिकारी जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि गाजियाबाद पहले से काफी विकसित शहर है, लेकिन इसको और कैसे बेहतर बनाया जाए इसको लेकर काम किया जा रहा है। नवनियुक्त जीडीए वीसी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता मास्टर प्लान-२०३१ को लेकर है। सिटी लॉजिस्टिक प्लान के माध्यम से ट्रांसपोट्र्स एवं आमजन तथा अन्य हितधारकों की महत्वाकांक्षाओं को नई उड़ान मिलेगी। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इसके अलावा आईसीडी नोडस को सुदृढ़ करने और वर्तमान में शहर के मार्गों का चौड़ीकरण करने और मंडी में ट्रकों के लिए पार्किंग-वे बनाने के संबंध में भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के अगले बीस साल के ट्रैफिक एवं लॉजिस्टिकल आवश्यकता के दृष्टिकोण से इसे तैयार किया जा रहा है ताकि आने वाले वक्त में शहरवासियों को एक पूर्ण विकसित शहर मिल सके।

बढ़ रहा है निवेशकों का विश्वास
जीडीए वीसी ने कहा कि गाजियाबाद मेल रूप से एक औद्योगिक क्षेत्र है, निवेशक यहां निवेश कर रहे हैं, उन निवेशको को जीडीए क्या सुविधा दे सकता है, किस तरह से उनके लिए माहौल तैयार कर सकता है, ताकि शहर में अधिक से अधिक निवेश के ऑप्शन खुलें और अधिक निवेश मिल सके। अधिक निवेश होने से जहां विकास को गति मिलेगी वहां, रोजगार के भी नए अवसर उपलब्ध होंगे। जीडीए वीसी ने बताया कि इसके अलावा कई योजनाएं सालों से लंबित चल रही हैं विशेषकर मधुबन बापूधाम सहित कई योजनाएं ऐसी हैं, जो काफी समय से अधर में अटकी हैं, इन योजनाओं को पूरा कर संचालित किया जाएगा ताकि लोगों को आवास की समस्या से निजात मिल सके। इसके अलावा अन्य कई योजनाएं और भी हैं जिनमें आ रही बाधाओं को दूर करने की कवायद शुरू कर दी गई है ताकि आम जन को योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

निपटाएंगे टेक ओवर का मामला
इंदिरापुरम कॉलोनी के टेकओवर मामले को लेकर उन्होंने कहा कि यह मामला भी काफी समय से लम्बित है। इस मामले को लेकर काफी समय से कवायद चल रही है, इस कॉलोनी के टेकओवर मामले को समन्वय के साथ निबटाया जाएगा ताकि कॉलोनीवासियों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। युग करवट से बातचीत के दौरान जीडीए को पूर्ण कालिक वीसी मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बात कर्मचारी ही बेहतर बता सकते हैं, उन्होंने कहा कि उनकी मंशा सिर्फ अपने कार्य को बेहतर करने की है, किस तरह से योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जाए, लोगों की समस्या का निस्तारण तत्काल प्रभाव से किया जाए, इसपर फोकस है।
सीडीओ के रूप में कर चुके हैं काम
बता दें कि जीडीए वीसी इससे पूर्व सोनभद्र के सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत थे उसके बाद मऊ के मजिस्ट्रेट और फिर सुल्तानपुर के मुख्य विकास अधिकारी के रूप में तैनात रहे। सितंबर २०२२ में उन्हें अलीगढ विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अब शासन ने उन्हें जीडीए उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। लोगों को भी पूर्ण कालिक जीडीए उपाध्यक्ष मिलने से उम्मीद जगी है कि उनके लंबित कार्य जल्द निस्तारित होंगे। इतना ही नहीं खुद प्रतिदिन जनसुनवाई कर आम जन की न सिर्फ शिकायतें सुन रहे हैं बल्कि मौके पर ही उसका निस्तारण करने का काम भी जीडीए वीसी कर रहे हैं।

जब बुजुर्ग को अपनी गाड़ी से छुड़वाया
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अतुल वत्स ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं लेकिन इससे अलग आम जन से सीधे संवाद के साथ-साथ उनकी समस्याओं का निस्तारण कैसे हो, इसको लेकर भी वह प्रयासरत रहते हैं। जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उनकी बात सुनने के बाद, उस समस्या का निस्तारण जल्द हो सके, उन्हें खुद नगर निगम के आयुक्त से फोन पर सम्पर्क किया और बुजुर्ग की समस्या बताई। नगरायुक्त ने भी तत्काल बुजुर्ग को उनके पास भेजने के लिए कहा। लेकिन व्यक्ति के बुजुर्ग और अकेले होने के चलते जीडी वीसी ने अपने कर्मचारियों को निर्देश कि वह बुजुर्ग को गाड़ी में नगरायुक्त के कैंप कार्यालय तक छुडवाएं जिससे उन्हें वहां जाने में परेशानी न हो। समस्या सिर्फ सुनकर रहने वाले अधिकारी आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन उन समस्याओं के निस्तारण से लेकर उनकी परेशानियों को दूर करने वाले अधिकारी गिनती के ही हैं।