पूर्व मेयर दमयंती गोयल का गाजियाबाद के पिलखुवा में अत्यंत धर्मनिष्ठ एवं समाजसेवी परिवार में जन्म हुआ था। श्री रामगोपाल मित्तल एवं श्रीमती कौशल्या देवी जी के आंगन में उनका बचपन बीता। पिलखुआ के घर का संघ परिवार से आत्मीय संबंध था। संत मनीषी प्रचारक बंधुओं का आना घर में होता था। बचपन से आपने संघ जीवन की प्रेरणा ली। 12 वर्ष की आयु से ही राष्ट्र सेविका समिति की शाखा पिलखुआ में प्रारम्भ की।
आपकी पूज्य माताजी ने गीता और रामचरित मानस आपको हृदयस्थ कराईं। उस जमाने में स्नातक की पढ़ाई की। आपके भाई श्री परमानंद मित्तल जी, जो बाद में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे, वास्तव में गौ सेवा के प्रेरणा स्त्रोत थे। दूसरे भाई श्री रामानुज जी जो शामली में संघ प्रचारक रहे और श्री नरेश मित्तल जो संघ में कार्यवाह के दायित्व पर रहे, सभी का स्नेह और आशीर्वाद आपके साथ रहा। आदरणीय ज्योति स्वरूप जी और आदरणीय कमलेश जी के प्रयास और सत्प्रेरणा से आपका शुभ विवाह गाजियाबाद के प्रतिष्ठित संघ परिवार श्रद्घेय बनवारी लाल जी (घड़ी वाले) परिवार में उनके बड़े सुपुत्र श्री महेश चंद जी से सम्पन्न हुआ।
विवाह उपरान्त समाज सेवा से एक दिन भी विरत नहीं रही।
सुसराल में सबकी सेवा सबको स्नेह आदर देकर सबके हृदय में जगह बना ली। घर के आंगन में अभावग्रस्त बिटियाओं का निशुल्क विद्यालय 10 वर्ष चलाया। राष्ट्र सेविका समिति के जिला कार्यवाहिका से लेकर मेरठ प्रांत सह कार्यवाहिका तक का दायित्व संभाला। 2006 में संगठन योजना और आशीर्वाद से गाजियाबाद नगर निगम की महापौर निर्वाचित हुईं। राजनीति के क्षेत्र में शुचिता और सत्यनिष्ठा के लिये प्रख्यात हुईं।
आज भी नंदी पार्क, रात्रि कालीन सफाई व्यवस्था, गुरु गोलवलकर चौक, श्यामाप्रसाद मुखर्जी पार्क सौंदयकर्ण आदि आज भी याद किये जाते है।
वन्दनीय प्रमिला ताई जी की इच्छा से एक भव्य प्रतिमा झांसी की रानी की गाजियाबाद में स्थापित की जिसका लोकार्पण व ताई जी ने ही किया। अपना यशस्वी कार्यकाल पूरा कर आपका स्वर्गारोहण 4 फरवरी 2014 को हुआ। आपके दिए संस्कार और जीवन मूल्य आज भी प्रति क्षण प्रेरणा देते हैं।