आरोपी आलाकत्ल के साथ गिरफ्तार
प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। बीत रात इंदिरापुरम थाने की अभयखण्ड चौकी क्षेत्र में हुई ज्योति की हत्या और उसके पति ललतेश निवासी बबराला संभल की हत्या के प्रयास के पीछे की वजह मृतका की मां चंपा के द्वारा दोस्त बदलना रही।
हत्या की सनसनीखेज वारदात बीती रात उस समय घटित हुई कि जब अपनी महिला मित्र और उसके नये दोस्त को देखकर उसका पहला दोस्त बोबी आग बबुला हो गया। उसके बाद जब बोबी ने चंपा व उसके दोस्त अजय को मौत के घाट उतारने के लिये चाकू से वार किया तो चंपा की बेटी ज्योति उसके सामने आ गई। जिसकी वजह से बोबी के द्वारा चंपा पर किये गये वार के दौरान चाकू ज्योति की चैस्ट में घुस गया। उसी समय जब बोबी ने दूसरी बार वार किया तो चंपा का दामाद ललतेश उनके बीच आ गया। जिसके चलते ललतेश को भी चाकू लग गया। वारदात की सूचना मिलते ही एसएचओ इंदिरापुरम जितेंद्र सिंह दिखित व कार्रवाहक एसीपी इंदिरापुरम सलोनी अग्रवाल भी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस ने मृतका ज्योति के शव को पोस्टमार्टम के लिये भिजवाकर घायल ललतेश को निकट के अस्पताल में भर्ती करवा दिया। यह जानकारी देते हुए एसीपी सलोनी अग्रवाल ने बताया कि एसएचओ इंदिरापुरम जितेंद्र सिंह दिखित ने त्वरित र्कावाई करते हुए न केवल तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर ली बल्कि हत्याभियुक्त बोबी को गिरफ्तार करने में भी देरी नहीं लगाई।
श्रीमती अग्रवाल ने बताया कि मूल रूप से बिहार की रहने वाली चंपा देवी के पहले पति की मौत हो जाने पर उसने दूसरी शादी बिहार निवासी विकलांग से कर ली थी। उसका दूसरा पति बिहार में ही रह रहा है। गाजियाबाद में रहते हुए चंपा की दोस्ती बोबी नामक अपराधी से हो गई थी। जिसकी वजह से चंपा व बोबी देहरादून से किसी अपराधिक मामले में जेल भी गये थे।
जेल से छूटने के बाद चंपा जब गाजियाबाद आई तो उसकी दोस्ती अजय से हो गई। इसी बीच बोबी नोएडा से जेल चला गया। जेल से छूटने के बाद जब बोाबी को पता चला कि चंपा ने अजय को दोस्त बनाकर अपने साथ रखा हुआ तो वह आग बबुला हो गया।