गौतमबुद्घनगर
लोकसभा सीट
-सुरेश चौधरी-
नोएडा (युग करवट)। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा पर चौथी बार ताल ठोक रहे भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा के सामने विपक्ष उम्मीदवार उतारने में घबराने लगा है। आलम यह है कि उत्तर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी भी इस सीट पर अपना उम्मीदवार खड़ा करने की बजाय अपने गठबंधन के किसी पार्टी को चुनाव लड़ाने की तैयारी में है। कांग्रेस और सपा के गठबंधन में यह सीट समाजवादी पार्टी के खाते में है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार डॉक्टर महेश शर्मा के कद को देखते हुए सपा को ऐसा भय सता रहा है कि उसके उम्मीदवार की जमानत जब्त हो सकती है, इसलिए वह आम आदमी पार्टी को यहां से चुनाव लड़वाने की तैयारी में है। वहीं डॉक्टर महेश शर्मा का टिकट घोषित होने के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। कार्यकर्ता चुनाव में जी-जान से अभी से जुट गए हैं। कार्यकर्ताओं का दावा है कि अबकी बार वे लोग डॉक्टर महेश शर्मा को आठ लाख से ज्यादा वोटों से विजयी बनाएंगे।
जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर अबकी बार 26 लाख 70 हजार के आसपास मतदाता अपना मतदान करेंगे। जिला प्रशासन ने मतदाताओं को जागरूक करना शुरू कर दिया है, तथा जिला प्रशासन लगातार यह आह्वान कर रहा है कि चुनाव के समय लोग अपना भरपूर मतदान करें। पिछली बार गौतमबुद्ध नगर में 59.60 प्रतिशत मतदान हुआ था। उस समय यहां पर करीब 24 लाख मतदाता थे। डॉक्टर महेश शर्मा को 8,30,812 वोट मिले थे, जबकि बसपा के सतबीर नागर को 4,93,800 वोट मिले। तीसरे स्थान पर कांग्रेस के अरविंद कुमार सिंह रहे, उनको चार लाख 20 हजार 77 वोट मिले थे। अबकी बार कांग्रेस और सपा का गठबंधन है, और बहुजन समाजवादी पार्टी इस लोकसभा सीट को लेकर काफी उदासीन है। चर्चा है कि बसपा या तो यहां से अपना उम्मीदवार नहीं घोषित करेगी, या ऐसे उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाएगी जिसका कोई जनाधार ना हो। भाजपा नेताओं के अनुसार वे डॉक्टर महेश शर्मा को अबकी बार 8 लाख से ज्यादा वोटों से जीताने की तैयारी में जुट गए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका प्रयास होगा कि अबकी बार 70 प्रतिशत मतदान हो। इसके लिए वे लोगों को जागरुक कर रहे हैं। उनका दावा है कि पिछली बार कुल मतदान के करीब 50 फीसद वोट महेश शर्मा को मिला था। भाजपा नेताओं के अनुसार पिछली बार बसपा और कांग्रेस ने मजबूती से चुनाव लड़ा था। लेकिन अबकी बार समाजवादी पार्टी और बसपा इस लोकसभा सीट को लेकर काफी उदासीन है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कुछ विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाए।
वहीं समाजवादी पार्टी के सूत्रों के अनुसार सपा के बड़े नेताओं ने मन बनाया है कि गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर वे अपना उम्मीदवार उतारने की बजाए उनके गठबंधन में शामिल आम आदमी पार्टी को इस सीट से उम्मीदवार उतारने के लिए कहें। इस बात को लेकर आम आदमी पार्टी और सपा के बड़े नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। बताया जाता है कि यूपी में सपा आम आदमी पार्टी को सिर्फ गौतमबुद्ध नगर लोकसभा का सीट देना चाहती है, जबकि आम आदमी पार्टी कुछ और सीटों की मांग कर रही है। सपा सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस बात का निर्णय हो जाएगा कि आम आदमी पार्टी को कितनी सिटे मिलेगी, अगर गठबंधन जारी रहा तो गौतमबुद्घ नगर सीट से आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ सकती है। सपा सूत्रों के अनुसार दिल्ली के नजदीक होने की वजह से गौतमबुद्ध नगर में आम आदमी पार्टी की पकड़ है। अब देखना यह है कि आम आदमी पार्टी यहां से किसे चुनाव लड़वाती है।
बेसहारा छोड़ बिल में दुबक गए बरसाती नेता
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर डॉक्टर महेश शर्मा के टिकट की घोषणा होने के बाद यहां से भाजपा की टिकट पर चुनाव लडऩे की तैयारी में गांव और शहरों की गलियों में भटक रहे कई भाजपा नेताओं ने अपना प्रचार-प्रसार अब बंद कर दिया है। रोजाना किसी न किसी गांव और शहर के कार्यक्रम में शामिल होकर आला कमान के सामने अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने वाले नेता अपने घरों में बैठ गए हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार इन नेताओं ने डॉक्टर महेश शर्मा के खिलाफ एक नकारात्मक माहौल बनाकर कुछ लोगों को अपने माया जाल में फंसा लिया था, तथा ये लोग लोकसभा चुनाव लडऩे का दावा कर रहे थे। एक ब्यूरोक्रेट तथा भाजपा के कुछ लोगों ने करोड़ों रुपया खर्च कर ऐसा माहौल खड़ा कर दिया था कि डॉक्टर महेश शर्मा का यहां पर काफी विरोध है। भाजपा आला कमान ने इस षड्यंत्र को दरकिनार कर महेश शर्मा पर अपना विश्वास जताया।