युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने आज जिला मुख्यालय में महिला संबंधी मामलों और यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं स्वावलंबी बन सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रही हैं। शहरी ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में भी महिलाएं बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर नए-नए उत्पाद बना रही हैं जो बेहद कम कीमतों पर लोगों को उपलब्ध हो रहे हैं।
जिला मुख्यालय के सभागार में अध्यक्ष विमला बाथम को प्लांट देकर डीएम आरके सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके उपरांत सीडीओ अस्मिता लाल ने जिला स्तर पर महिला सशक्तिकरण को लेकर चलाई जा रही मुहिम के बारे में आयोग की अध्यक्षा को विस्तार से जानकारी दी गई। बेटियों को प्रोफेशनल डिग्री के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने नेस्टिंग डॉल का अनावरण किया।
इस डॉल में डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता जैसी छोटी-छोटी डॉल सम्मिलित की गई हैं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए निरा कॉटन पैड्स का भी अनावरण मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। इसके लिए समूह की पांच महिला, दो महिला पत्रकार, शिक्षा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और स्वयंसेवी संगठन से जुड़ी महिलाओं को निरा पैड्स भी प्रदान किए गए। निरा पैड्स बनाने वाली स्वयं समूहों को साढ़े पांच लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया। इस दौरान ‘बेटी का नाम घर की शानÓ अभियान के तहत पांच अधिकारियों को उनकी बेटियों के नाम की नेमप्लेट और प्लांट प्रदान किए गए। इसमें एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास की बेटी सान्वी एलएस, एसडीएम सदर डीपी सिंह की बेटी देवारती सिंह, कृष्ण कुमार की बेटी धु्रविका सिंह, एसीएम थर्ड प्रवर्धन शर्मा की बेटी प्रत्यूषा वर्धन शर्मा और वीरेंद्र कुमार की बेटी वर्णिका सिंह के नाम की नेमप्लेट प्रदान की गई। इसके उपरांत कोविड-१९ में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों को फीस माफी के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर अध्यक्ष विमला बाथम ने कहा कि आज प्रदेश में हजारों की संख्या में ऐसे स्वयं सहायता समूह बने हुए हैं जहां महिलाओं की कला को ना सिर्फ सम्मान मिल रहा है बल्कि वह आर्थिक रूप से मजबूत भी बन रही हैं। इसके अलावा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत भी बेटियों को पढ़ाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि महिलाओं व बेटियों को प्रोत्साहन मिल सके। सीडीओ अस्मिता लाल ने कहा कि जिले में बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि अभिभावक बेटियों को पढ़ाने में कोताही ना बरतें। इसके अलावा अगर किसी को कोई दिक्कत आती है तो उसकी हर संभव मदद की जाती है। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र, महिला कल्याण अधिकारी नेहा, लोकेंद्र सिंह, नीलम, पूनम शर्मा आदि मौजूद रहीं।
चक दे इंडिया: विमला बाथम
गाजियाबाद। जिले में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची यूपी राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विमला बाथम ने महिला हॉकी टीम के आज होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर कहा कि ‘चक दे इंडियाÓ। उन्होंने कहा कि अभी तक ओलंपिक में बेटियों ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। दो बेटियों ने ओलंपिक में पदक लाकर देश का नाम बढ़ाया है। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम हैं जिनसे और बेटियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज होने वाले हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले में सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि पूरे देशवासियों की निगाहें हैं। देश के हर व्यक्ति की यही दुआ है कि बेटियां हॉकी में देश को गोल्ड दिलाएं। इसके अलावा उन्होंने लवनीना के बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीतने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की बेटियां आज विश्व स्तर पर अपना डंका बजा रही हैं। उन्होंने सभी ओलंपिक खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दी हैं।