प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। मेयर आशा शर्मा और नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नगर निगम स्थित ऑफिस में आखिकर कौन बैठता है। मेयर-नगर आयुक्त जब ऑफिस में नहीं होते हैं तो उनके कक्ष को खुलवाकर कौन कर्मचारियों और अन्य लोगों को बुलाकर निर्देश देता है। इससे तो पर्दा नहीं उठ पाया। मगर अब मेयर-नगर आयुक्त के ऑफिस किसी के भी कहने पर नहीं खोले जाएंगे। इस मामले में नजारत प्रभारी विनोद कुमार त्यागी को एक पत्र लिखा गया है। पत्र में बताया गया कि जानकारी में आया है कि मेयर आशा शर्मा जब ऑफिस में नहीं होती है तो उनका ऑफिस एक कर्मचारी खुलवाकर वहां बैठता है। इसी तरह की खबर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नगर निगम टावर के पंचम तल स्थित ऑफिस के बारे में पता चली है। बताया जाता है कि जब नगर आयुक्त अपने कक्ष में नहीं होते है तो उनके ऑफिस के बाहर के कक्ष में नगर निगम का एक कर्मचारी बैठता है। यहां तक पता चला है कि यह कर्मचारी सभी लाइट बंद रखता है। एक एक कर कर्मचारी और बाहर के लोगों को अपने पास बुलाता है। इसी को देखते हुए अब नगर आयुक्त ने नजारत प्रभारी विनोद कुमार त्यागी को निर्देशित किया है कि मेयर और नगर आयुक्त अगर अपने ऑफिस में नहीं है तो उनकी अनुपस्थिति में किसी अन्यकर्मी के लिए ऑफिस नहीं खुलना चाहिए।