युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। बीजेपी के कई नेता वैसे तो लंबी लंबी बात करते है। मगर बोर्ड की बैठक में इतने महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश होने के बाद भी एक भी जनप्रतिनिधि ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। यहीं नहीं लंच लेकर करीब 60 प्रतिशत पार्षद भी सदन छोडक़र चले गए। इससे पता चलता है कि कितनी गंभीरता सदन के सदस्यों में है। कल सदन में तीन खास प्रस्ताव पेश हुए थे। इनमें सर्किल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स बढ़ाना, दूसरा घंटे के हिसाब से चार्ज लेने वाली पार्किंग पॉलिसी और तीसरा शहर में बनी नगर निगम की 1702 दुकानों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल था।
निगम बोर्ड की बैठक से पहले ही पार्षद राजीव शर्मा और व्यापारियों ने बीजेपी के जन प्रतिनिधियों को इस मामले में ज्ञापन दिया था। ज्ञापन के बाद व्यापारियों ने सभी बीजेपी के जन प्रतिनिधियों से अपील की थी कि वह इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को जब बैठक में पेश किया जाए उस वक्त वह भी सदन में मौजूद रहे। ताकी व्यापारियों और शहर की जनता को कोई नुकसान नहीं हो। जब सदन में यह तीनों प्रस्ताव पेश किए गए तब एक भी बीजेपी का जन प्रतिनिधि नगर निगम सदन में मौजूद नहीं थे। हालांकि इन तीनों प्रस्तावों को लेकर चर्चा के बीच नगर निगम के कई पार्षद भी कोई खास गंभीर नहीं थे। वह भी नगर निगम में लंच के बाद गायब हो गए। करीब 60 प्रतिशत लोग लंच के बाद गायब हो गए। इससे पता लगता है कि शहर के इतने महत्वपूर्ण प्रस्तावों की कई पार्षदों ने अनदेखी की।