रामपुर (युग करवट ब्यूरो)( डॉ. एनपीके होम्योपैथी मेडिकल कालेज जयपुर राजस्थान से शिक्षा ग्रहण करके आए होम्योपैथी के डॉ. आसिफ अली बताते हैं कि एलोपैथी रोग को दबाकर तुरंत राहत देती है, लेकिन होम्योपैथी मर्ज को समझ कर उसकी जड़ को खत्म करती है। इसलिए मर्ज को जड़ से दूर करने में होम्योपैथी चिकित्सा लाजवाब है। एलोपैथी इलाज कराते-कराते थकने के बाद मरीज होम्योपैथी की शरण में पहुंचते हैं। बताते हैं कि दूध और दूध से बने व्यंजन के साथ फास्ट फूड और जिंक फूड से बीमारियां फैल रही हैं। जोड़ते हैं कि भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने शरीर को आराम देने के लिए भी समय निकालें।
शौकत अली रोड स्थित लासा मार्ट में क्लीनिक पर एक्सपर्ट्स होम्योपैथ डा. आसिफ अली ने खास मुलाकात में बताया कि होम्योपैथी में रोग का इलाज नहीं किया जाता है, बल्कि शरीर को रोग से खुद निपटने के लिए तैयार किया जाता है और इसी कारण से रोग का जड़ से इलाज हो जाता है। बताते हैं कि इस चिकित्सा प्रणाली में उन बीमारियों का इलाज भी हो जाता है, जो एलोपैथी में संभव नहीं है। होम्योपैथी में रोग का इलाज इसकी अलग विचारधारा पर आधारित है। बताते हैं कि होम्योपैथी में कैंसर, शुगर, स्किन डिसीज का इलाज संभव है।
स्किन डिसीज तो खान-पान में एहतियात बरतने पर ठीक हो जाती है। बताते हैं कि दूध और दूध से बने व्यंजन, फास्ट फूड, जिंक फूड खाने से लिवर खराब होता है। जिसके कारण 80 से 90 प्रतिशत तक बीमारियां फैल रही हैं। खान-पान में फल, सब्जियां, रोटी, दाल लेने से शरीर की कई बीमारियां स्वत: ही दूर हो जाती हैं।