युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। आज से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो गया। कोरोना महामारी के कारण गत दो वर्षो से मंदिरों में बड़े स्तर पर न तो आयोजन हो रहे थे और ना ही भक्त पहुंच रहे थे। लेकिन इस बार संक्रमण का प्रसार कम होने और पांबदियां न होने के कारण पहले दिन मंदिरों में भक्त अच्छी खासी संख्या मां के दर्शन को पहुंचे। सुबह से ही देवी मंदिर मां के जयकारों से गुंजायमान हो रहे थे। दिन भर मां के भक्त नारियल और चुनरी अर्पण करने के लिए लाइनों में लगे रहे। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री का पूजन किया जाता है। घट स्थापना के साथ ही मां शैलपुत्री का व्रत रखा जाता है। घर-घर में भक्तों ने घट स्थापना के साथ ही नवरात्रि व्रत आरंभ किए। मां शैलपुत्री का पूजन कर उन्हें श्रंृगार, चुनरी, नारियल, नैवेद्य अपर्ण किए। वहीं दिल्ली गेट स्थित श्री बाला त्रिपुर सुंदरी देवी मंदिर में घट स्थापना के साथ ही नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इसके उपरांत सुबह आठ बजे से शतचंडी महायज्ञ का पाठ आचार्य राम मनोहर अग्निहोत्री द्वारा किया गया। मंदिर के मंहत गिरीशानंद गिरी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। माना जाता है कि मां के इन स्वरूपों की पूजा करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण होती है। मां दुर्गा जिससे भी प्रसन्न होती हैं, उस पर खास कृपा करती हैं। मां दुर्गा को सुख, समृद्धि और धन की देवी माना जाता है। घरों में पूजन के अलावा भक्त मां के दर्शनों के लिए देवी मंदिर पहुंचे और उनका दर्शन का उन्हें नैवैद्य अर्पण कर पूजन किया। लाइन में लगे भक्त मां के जयकारों को उद्घोष करते रहे। नवरात्रि को लेकर मंदिरों में भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं।