बीते ९ महीने में ९४८ भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिसमें २५० बार भूकंप की तीव्रता ४ के पार थी और रात आये झटकों की तीव्रता ६.३ थी, जो बहुत ही खतरनाक होती है। १५ दिन में दो बार चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण हुए, ये सब इत्तेफाक नहीं है। ये एक चेतावनी है हमारे लिए, अगर कुदरत के साथ कोई खिलवाड़ करेगा तो फिर इस धरती पर ऐसा कुछ होगा जो शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा। वैज्ञानिक तौर पर भूकंप के झटकों को अलग तरीके से देखा जाता है। वैज्ञानिकों को कहना है कि टैक्टॉनिक प्लेट जब आपस में रगड़ती है तो धरती हिलती है और उसके बाद हल्के-हल्के झटके आते हैं और उसे ऑफ्टर शॉक कहा जाता है। ज्योतिषचार्यों का कहना है कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहणों के बाद भूकंप आते हैं। सबके अपने-अपने तर्क हैं, लेकिन हर चीज का लब्बोलुबाब निकाला जाये तो ये ऊपर वाले की तरफ से हम सबको चेतावनी है कि उसके साथ खिलावाड़ न किया जाये। इंसान को इंसान से ना लड़ाया जाये, मानवता का खून ना बहाया जाये। जिस तरह धरती पर पाप बढ़ रहे हैं, रिश्ते तार-तार हो रहे हैं, जिस तरह परिवार में एक-दूसरे का खून बहाया जा रहा है। लालच के चक्कर में वो सबकुछ हो रहा है जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की गई होगी। ऐसे-ऐसे काम हो रहे हैं जिसकी इजाजत किसी भी धर्म ग्रंथ में नहीं है। सभी धर्म ग्रंथों में एक ही संदेश है कि सभी मानव से प्यार करो, सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है और आज जिस तरह से धरती पर पाप हो रहे हैं ये उसी का नतीजा है कि ऊपर वाला ये एहसास करा रहा है कि जब वह सूर्य और चंद्र को ग्रहण लगा सकता है तो इंसान क्या चीज है। वो पल भर में धरती हिला सकता है और इंसान बेबस और लाचार है, ये वो एहसास करा देता है। ये सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और भूकंप कुदरत का इशारा है कि उसके नियमों को मानो। ऊपर वाले ने जो संदेश दिया है उस पर अमल करो वरना पल भर में वो क्या कर दे, किसी को नहीं पता। ये दुनिया फना (खत्म) होने वाली है जिसका एहसास भी वो दिलाता रहता है। हमेशा अच्छे कर्म ही इंसान को अच्छी राहें दिखाते हैं। बीती रात आए ६.३ तीव्रता वाले भूकंप ने एक बार फिर सबको हिला दिया, इसलिए अभी भी समय है सुधर जाओ। आपस में प्यार मोहब्बत कायम करो, एक-दूसरे के साथ अच्छा बर्ताव करो और एक-दूसरे की मदद करो, क्योंकि यही काम आयेगा। वरना ऊपर वाले की लाठी बेआवाज है। जब पड़ती है तो फिर संभलने का मौका नहीं देती और ये भूकंप, चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण इसी बात का संकेत है। – जय हिन्द।