युग करवट संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। संयुक्त किसान मोर्चा के आज भारत बंद के आवाहन पर किसान संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तीनों नए कृषि बिलों को वापस लेने तथा स्थानीय समस्याओं को हल किए जाने की मांग की। जनपद गौतमबुद्ध नगर में भारत बंद पूरी तरह से फ्लॉप दिखाई दिया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा सहित देहात व कस्बों में भी व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मेरठ मंडल अध्यक्ष पवन खटाना के नेतृत्व में कार्यकर्ता व किसान आज सुबह यमुना एक्सप्रेस वे के जीरो पॉइंट पर एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने परी चौक की तरफ कूच कर दिया। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पास पहले से ही बैरिकेड लगाए मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने किसानों को आगे नहीं बढऩे दिया। इस दौरान किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की फुल्की नोकझोंक हुई जिसके बाद किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। किसानों के सड़क पर बैठने के कारण कुछ देर के लिए जाम लग गया। इसके पश्चात पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं को समझा-बुझाकर सड़क किनारे मेट्रो स्टेशन के नीचे बिठा दिया। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने परी चौक पर पहले ही रूट डायवर्जन कर दिया था। इस मौके पर भाकियू के जिलाध्यक्ष अनित कसाना, महानगर अध्यक्ष परविंदर अवाना, बेली भाटी, सुनील प्रधान, बलजीत तुगलपुर, सुमित तंवर, आदेश शर्मा, राजे प्रधान, धर्मेंद्र चपराना, विपिन तोमर, सचिन नागर, योगी नंबरदार, विकास शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे। वही जेवर टोल प्लाजा पर भाकियू नेता महेंद्र सिंह चोरौली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने तथा क्षेत्रीय समस्याओं को दूर कराने की मांग करते हुए टोल पर जाम लगा दिया। इस मौके पर पंकज शर्मा, नरेंद्र नागर, जीवन सिंह, पूरन पहलवान, दया प्रधान, बॉबी नागर, विशाल शर्मा, श्यामवीर नागर आदि मौजूद थे। वहीं भारतीय किसान यूनियन अंबावता के जिलाध्यक्ष राजेश उपाध्याय के नेतृत्व में किसानों ने सूरजपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर तीनों नए कृषि कानूनों का विरोध जताया।
किसानों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए हुए थे। प्रदर्शन स्थलों के अलावा बाजारों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी जिस कारण जनपद गौतमबुद्ध नगर में किसान संगठनों के भारत बंद का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में व्यापारिक प्रतिष्ठान औद्योगिक इकाइयां पूर्व की भांति संचालित हुई।